आशा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

आशा कर्मचारियों की तरफ से बताय गया कि इसके पहले पिछले साल भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू किया था, तब एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला भी था। इनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन मुख्यमंत्री दे दिया था लेकिन वह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ।

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अपनी मागों को लेकर बीएमसी की 200 से अधिक सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। इनका कहना है कि जब तक इनकी मानें पूरी नहीं होंगी तब तक यह हड़ताल शरू रहेगी। हड़ताल कर रहे लोगों का एक शिष्टमंडल मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करेगा।

हड़ताल कर रहे आशा कर्मचारियों का कहना है कि इनके काम करने के समय को लेकर बीएमसी को निर्धारण करना होगा, क्योंकि इनके काम करने का समय कोई निश्चित नहीं किया गया है। साथ ही आशा कर्मचारियों को साल 2021 से कम से कम 12000 रुपए मानदेय मिले और इन्हें पेंशन के साथ मैटरनिटी लीव भी दिया जाए।

आशा कर्मचारियों की तरफ से बताय गया कि इसके पहले पिछले साल भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू किया था, तब एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला भी था। इनकी मांगों को जल्द  से जल्द पूरा करने का आश्वासन मुख्यमंत्री दे दिया था लेकिन वह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ। इसीलिए  आशा कर्मचारी फिर से हड़ताल शरू करने के लिए मजबूर हैं।

पिछले साल अगस्त महीने में जो हड़ताल शुरू की गयी थी उसे मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद हमने वापस ले लिया था। लेकिन वह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ। इसीलिए हमने एक बार फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। साल 2019 में चुनाव भी है। इसीलिए हमारी मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। - एडवोकेट प्रकाश देवदास, अध्यक्ष, आरोग्य सेवा कर्मचारी संघटना, पालिका

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