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डॉ. बालाभाई नानावटी अस्पताल में सरकार द्वारा गरीब मरीजों के लिए चलायी जा रही योजनाओं में गड़बड़ी पाए जाने के बाद धर्मादा आयुक्त (चैरिटी कमिश्नर) ने अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कुछ दिन पहले धर्मादा आयुक्त एस.जी.डिगे अचानक एक सामान्य मरीज बन कर अस्पताल का स्टिंग किया था जिसमें अस्पताल की करतूत सामने आई थी।

अपने औचक निरिक्षण में धर्मादा आयुक्त एस.जी डिगे ने पाया गरीब मरीजों के उपचार और योजनाओं की जानकारी में कई गड़बडियां पाईं, अस्पताल का भी पक्ष जानने के बाद उन्होंने अस्पताल के न्यासियों के खिलाफ महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 66 (ख) के तहत केस दर्ज कराने का आदेश दिया।

नानावती अस्पताल में सामान्य मरीज बनकर जब गया तो वहां गरीब मरीजों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी देने वाला बोर्ड गायब मिला। इतना ही नहीं गरीब मरीजों के लिए 33 व आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए अस्पताल में 33 पलंग रिजर्व रखना जरुरी होता है, लेकिन जब अस्पताल का मुआयना किया तो आरक्षित पलंगों पर अन्य मरीज पाए गए और मात्र 12 मरीजों को ही रिजर्व पलंगों पर योजना के अंतर्गत उपचारमिल रहा था।

एस.जी.डिगे, धर्मादाय आयुक्त

डिगे ने बताया कि अस्पताल में तैनात कर्मचारियों को भी इस योजना की कोई जानकारी नहीं है। डिगे के अनुसार मई 2017 में भी जब उन्होंने इस तरह का निरिक्षण किया था तभी भी कई खामियां सामने आयीं थीं, बावजूद इसके अस्पताल ने अभी तक उस पर सुधार नहीं किया है।


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