डॉक्टरों की हड़ताल वापस

बुधवार को डॉक्टरों के खिलाफ महाराष्ट्र आवश्यक सेवा अधिनियम (MESMA) के तहत कार्रवाई का आदेश दिया।

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राज्य में हड़ताल कर रहे रेजिंडेंट डॉक्टरों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। गुरुवार की सुबह डॉक्टर फिर से अपनेकाम पर वापस लौट आए। डॉक्टरों की संस्था मार्ड ने ने रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं की अनदेखी करने के बाद विरोध का फैसला लिया। बुधवार को डॉक्टरों ने विरोध प्रद्रशन भी किया। । हालांकि, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार को डॉक्टरों के खिलाफ महाराष्ट्र आवश्यक सेवा अधिनियम (MESMA) के तहत कार्रवाई का आदेश दिया। इसके साथही सरकार ने डॉक्टरों को काम पर वापस लौटने का भी आदेश दिया। 

 बैठक में 5 दिनों के भीतर छात्रवृत्ति के मुद्दे को हल करने का वादा किया गया है। सेंट्रल मार्डन ने घोषणा की है कि रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा बुलाई गई हड़ताल को खत्म किया गया है।  इस आंदोलन में   मुंबई सहित उपनगरीय सरकार और नगरपालिका अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भाग लिया। रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार सुबह से आजाद मैदान में आंदोलन किया।

5 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी

अगस्त 2018 से चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रेजिडेंट डॉक्टरों को 5 हजार बढ़ोत्तरी करने का आश्वासन दिया था।डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई महिनो से वेतन को रोका जा रहा है।

हड़ताल के खिलाफ याचिका दाखिल 
इस बीच, राज्य में आवासीय डॉक्टरों के संघ द्वारा बुलाई गई हड़ताल के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि डॉक्टर अदालत की अवमानना कर रहे है। डॉक्टरों ने पहले ही कोर्ट को बताया था की वह हड़ताल नहीं करेंगे। हालांकी हड़ताल करने के बाद वह कोर्ट की अवमानना कर रहे है।

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