देश भर में महा'रेरा' अव्वल, पीएम ने ट्वीट कर महाराष्ट्र की पीठ थपथपाई


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निर्माणकार्यों में पारदर्शिता आये और आम लोग बिल्डर की धोखाधड़ी से बच सके इसीलिए सरकार द्वारा 'रियल इस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी' यानी 'रेरा' कानून लागू किया गया है। यह कानून महाराष्ट्र सहित देश के 20 से अधिक राज्यों में लागू है। लेकिन यह कानून महाराष्ट्र में सबसे अधिक प्रभावीरूप से लागू है, यह बात महाराष्ट्र नहीं बल्कि खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर के माध्यम से लोगों को बताई है। इसके लिए पीएम ने महाराष्ट्र की प्रशंसा भी की है। महाराष्ट्र में इस कानून को महा'रेरा' के नाम से लागू किया गया है।

महारेरा का बोलबाला
'रेरा' के तहत देश भर में अब तक 33,470 योजनाएं दर्ज हैं। इसमें से अकेले 45 फीसदी योजना अर्थात 15065 महाराष्ट्र में चल रही हैं। यही नहीं रेरा में रजिस्टर्ड 33 फीसदी रियल इस्टेट एजेंट यानी 25,752 में से 8548 एजेंट महा'रेरा' में रजिस्टर्ड हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश भर में महारेरा का बोलबाला सबसे अधिक है।

महाराष्ट्र में 1 मई 2017 से 'महा'रेरा लागू किया गया है. इस कानून के तहत योजनाओं को महा'रेरा' के तहत रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य है, साथ ही एस्टेट एजेंटो को भी रेरा के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

जब से महा'रेरा' लागू हुआ है तब से लेकर 1 नवंबर 2018 तक इसके पास 4748 शिकायतें दर्ज हो चुकीं हैं। जिसमें से 62 फिसदी मामलों का यानी 2932 शिकायतों का महा'रेरा' ने सफलतापूर्वक निपटारा किया है, जबकि अभी भी 1816 मामलों की सुनवाई चल रही है। अगर हम कहे कि महा'रेरा' में शिकायतों की बारिश हो रही है तो यह गलत नहीं होगा। जिसमें से महारेरा अपना कार्य बखूबी कर रही रही है।

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