पीडब्ल्यूडी ने अमर महल पुल की मरम्मत के लिए आईआईटी से मांगी मदद

राज्य लोक निर्माण विभाग ने ठाणे के अमर महल पुल की मरम्मत के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मुंबई से मदद मांगी है। इस पुल को रविवार से बंद कर दिया गया है, जिसकी जल्द मरम्मत की संभावना नहीं है। सूत्रों का कहना है कि जिस टेक्नोलॉजी के साथ पुल का निर्माण किया गया था उस तकनीक से मरम्मत की अनुमति नहीं है।

राज्य लोक निर्माण विभाग का दावा है कि इस पुल को संभालने के लिए अपेक्षित तकनीकी और मानव शक्ति पर्याप्त नहीं है। लोक निर्माण विभाग अब इसकी मरम्मत शुरू करने से पहले आईआईटी के आकलन रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इसका मतलब यह है कि मुंबईकरों को अभी कुछ दिन और ट्रैफिक जाम खामियाजा उठाना पड़ेगा।

60 मीटर लंबे इस पुल को 1992 में राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया था, स्टील के इस्तेमाल से बनाया गया यह पुल मुंबई के अन्य उड्डाणपुलों की तरह कम समय में ही खराब हो गया। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने इन पुलों की दुरूस्ती-देखभाल में लापरवाही बरती जिसके चलते इनका यह हाल हुआ है।

इस पुल से जोड़कर मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने ईस्टर्न फ्री-वे का निर्माण किया था। इस ईस्टर्न फ्रि-वे से चेंबूर से सीएसटी बिना सिग्नल कुछ मिनटों में दूरी तय हो जाती है। वहीं पुणे और ठाणे दिशा की तरफ जाने वाले वाहनचालकों द्वारा ईस्टर्न फ्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसपर ज्यादा भार पड़ने से इतनी जल्दी इसका यह हाल हो गया। इस पुल को जिस कॉड्रिकॉन कंपनी ने तैयार किया है वह कंपनी अब बंद हो गई है। इस कंपनी के विशेषज्ञ और अधिकारी भी अब उपलब्ध नहीं हैं। जिसके चलते इसकी मरम्मत के लिए अब आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञों से सहायता मांगी गई है।

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