मिल मजदूरों को राज्य सरकार का तोहफा, मिलेंगे 7700 घर


SHARE

राज्य सरकार ने मिल मजदूरों के घरों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में रेंटल होउसिंग योजना के लिए बनने वाले घरों में 50 फीसदी घर मिल मजदूरों के लिए आरक्षित होंगे। इस निर्णय से मिल मजदूरों को काफी राहत मिलेगी जो पिछले कई सालों से घर के लिए अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस निर्णय के कारण मिल मजदूरों को 7700 घर उपलब्ध होंगे। इसके पहले राज्य सरकार ने मिल मजदूरों के लिए 320 स्क्वायर फीट क्षेत्र के 10,678 घर मुहैया कराये थे।

राज्य सरकार ने किराये पर देने के लिए 5 लाख घर बनाने का निर्णय लिया है। मुंबई में बहुत से लोगों के लिए घर खरीदना संभव नहीं है। इनके लिए मुंबई से बाहर डोंबिवली, कल्याण, नायगांव, कर्जत, वसई, भिवंडी, पनवेल जैसे स्थानों पर घर बनाये जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर घर बन गये हैं और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। मिल मजदूरों को पनवेल में घर मिलने की अधिक संभावना जताई जा रही है। इन घरों के लिए करीब 1.48 लाख मिल मजदूरों ने घर पाने के लिए अर्जी दाखिल की है।

इस बारे में मिल मजदूर कामगार संघर्ष समिति के अध्यक्ष दत्ता इसवलकर का कहना है कि पिछली सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में मिल मजदूरों को किराये पर घर देने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक इस घोषणा को लागू नहीं किया गया। इस मामले में सरकार को अधिक तेजी के साथ काम करने की जरुरत है। इसके लिए उचित कदम उठाने आवश्यक है।


डाउनलोड करें Mumbai live APP और रहें हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट।

मुंबई से जुड़ी हर खबर की ताज़ा अपडेट पाने के लिए Mumbai live के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।

(नीचे दिए गये कमेंट बॉक्स में जाकर स्टोरी पर अपनी प्रतिक्रिया दे) 

संबंधित विषय