क्या आपको वर्जिन बीवी ही चाहिए ?

 Mumbai
क्या आपको वर्जिन बीवी ही चाहिए ?

मुंबई - हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, हमारे रहन सहन में काफी बदलाव आया है। हम खुद को मॉडर्न मानने लगे हैं, पर क्या सच्चे अर्थों में हमारी सोच में बदलाव आया है? क्या हम अब स्त्री पुरुष में भेदभाव नहीं करते? हमारी यह स्टोरी वर्जिनिटी पर है, जिसपर यातो लोग खुलकर बात नहीं करना चाहते या बात करते हैं तो महिलाओं से अधिक उम्मीद लगाते हैं।

कुछ दिनों पहले मेरी मुलाकात मेरी एक दोस्त से हुई उसने जो मुझे बताया मैं सुनकर दंग रह गई। उसके हाव भाव बदले हुए थे, उसके अंदर चिड़चिड़ापन सवार था। मैंने उससे बात करने की कोशिश की, उसके बारे में जानने की कोशिश की। तब उसने कहा कि शी इज नॉट वर्जिन इसलिए उसकी शादी टूट गई। मेरा रिएक्शन था... क्या बकवास है।

वह वर्जिन नहीं है इसलिए उसकी शादी टूट गई यह बात मुझे खाए जा रही थी, जब घंटों तक रात में नींद नहीं आई तो मैने गूगल करना शुरु किया। मैंने वर्जिन कीवर्ड डाला, उसके बाद गूगल पर कैसे चेक करें कि लड़की की *** टूटी है या वर्जिन है..., कैसे पता करें आपकी गर्लफ्रैंड वर्जिन है या नहीं..., वो वर्जिन है या नहीं, यह पता लगाना अब आसान... इस तरह के सैकड़ों वाक्य सामने आए। यह देखकर मैं और भी परेशान हो गई कि वर्जिन होना या ना होना किस तरह से आपकी जिंदगी मैं प्रभाव डाल सकता है। आपको बता दें कि गूगल सर्ज इंजन में वहीं वर्ड्स पहले सामने आते हैं जो ज्यादा सर्ज होते हैं। इस एक वर्ड ने मुझे पुरुषों की सोच के बारे में बता दिया। पर सवाल उठता है कि लड़कियों, महिलाओं पर उंगली उठाने वाले लोग क्या खुद वर्जिन होते हैं ? इसका मतलब है कि हम कितना भी खुद को मॉडर्न कह लें पर समाज में महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोच में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं आए हैं।

हमने इस संबंध में कुछ पुरुषों से बात करने की कोशिश की तो हमें इस पर मिली जुली प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।

"मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि लड़की वर्जिन है या नहीं मेरे लिए सिर्फ यही मायने रखता है कि लड़की का स्वभाव कैसा है। जिससे मेरी शादी हो वह मुझे और मेरे परिवार को समझने वाली हो, अच्छे-बुरे वक्त में साथ दे। जिनकी सोच सिर्फ वर्जिनिटी तक सीमत है, वह मानसिक रोगी हैं।"

-अविनाश पायाल ( कोरियोग्राफर )


"मेरी शादी हो चुकी है, वह भी लव मेरिज, पर शादी से पहले ही मैं वर्जिन नहीं था, फिर मैं अपनी पत्नी से वर्जिन होने की उम्मीद कैसे रख सकता था। मेरे लिए मेरी पत्नी महत्वपूर्ण है, नाकी उसका वर्जिन होना। मेरा मानना है कि जब आप खुद वर्जिन नहीं हो तो आपको किसी और पर उंगली उठाने का हक नहीं है।"

-मयूर फडाले (ट्रेकिंग ग्रुप संस्थापक )


"मेरे लिए लड़की का वर्जिन होना और उसका स्वभाव दोनों मायने रखते हैं। मैं वर्जिन हूं और मैं चाहता हूं कि जिससे मेरी शादी हो वह भी वर्जिन हो।"

( नाम ना दिए जाने की शर्त )


"कई लड़कियां होती हैं जो प्यार में होती हैं और अपने प्रेमी के लिए वर्जिनिटी खो देती हैं। इसका मतलब यह कतई नहीं निकाला जा सकता कि लड़की चरित्रहीन है। पर दुर्भाग्य है कि समाज में बहुत सारे लोग लड़की पर लांछन लगाने से नहीं चूकते। पर मैं इस सोच को गलत मानता हूं।"

-नेमिश गांधी ( इंजिनियरिंग विद्यार्थी )


"पता नहीं यह कैसा विक्रत मानसिकता का समाज है। लड़का जैसे जैसे जवान होता है, उसके अंदर सेक्स करने की प्रबल इच्छा होती है, वह अपनी इस इच्छा को पूरा करता है, फिर लड़की क्यों उसे वर्जिन चाहिए, वह भी तो इंसान है।" 

-सुहास बोराडे ( विद्यार्थी )


"मेरा मानना है कि जब कोई लड़का कहे कि उसे वर्जिन पत्नी चाहिए तो उससे पूछा जाना चाहिए कि क्या तू खुद वर्जिन है। लड़की का सिर्फ स्वभाव परखना चाहिए नाकी उसकी वर्जिनिटी।"

- ऋषी पत्रे ( टैटू आर्टिस्ट )

इतने सारे लोगों से बात करने के बाद मेरे मन को ज्यादा तो नहीं पर कुछ हद तक शांति मिली की आज की जो युवा पीढी है, उसकी सोच में कुछ कुछ बदलाव आ रहे हैं। हलांकि सभी युवाओं में यह बदलाव नजर नहीं आया। खुद को मर्द कहने वालों से मेरी एक ही अपील है कि आप दूसरे पर उंगली उठाने से पहले खुद के दामन में एक बार जरूर झांक कर देखें।

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