जाने 10 सालों में मुंबई कैसे बन बैठेगी न्यूयॉर्क !

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जाने 10 सालों में मुंबई कैसे बन बैठेगी न्यूयॉर्क !

मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। कहते हैं मुंबई की काया पलटने में वक्त नहीं लगता। मुंबई दिन रात तरक्की में भरोसा करती हैं। देखते ही देखते मुंबई की चॉल टॉवर में बदल जाती हैं। वर्तमान में जिस रफ्तार से मुंबई का विकास हो रहा है, उसको देखकर आप अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे कि मुंबई आने वाले 10 सालों में कितनी बदल जाएगी। मुंबई का क्षेत्रफल बड़ा है, यहां पर 88 फीसदी लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपनाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि मुंबई का ट्रांसपोर्ट सिस्टम कितना मजबूत बनने वाला है। तो आइए जानते हैं 10 सालों में मुंबई कहां से कहां पहुंचेगा।


कोस्टल रोड

इस साल की बारिश के खतम होते ही कोस्टल रोड (समुद्र किनारी रास्ता) का काम शुरु हो जाएगा। इसका निर्माण मरीन लाइन्स समुद्री तट से कांदिवली के चारकोप समुद्री तट तक होगा। निर्माण कार्य तीन चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 2019 में पूरा कर लिया जाएगा। कोस्टल रोड के बनने से मुंबईकरों को ट्रैफिक से निजात मिलेगा, लोग कम समय में अधिक दूरी तय कर सकेंगे। इस परियोजना को लगभग 15 हजार करोड़ रुपए में पूरा किया जाएगा।  


मोनो रेल

देश की पहली मोनो रेल मुंबई में वडाला से चेंबूर के बीच चलाई जा रही है, जल्द ही मोनो रेल की दूसरी परियोजना वडाला से जैकब सर्किल का काम शुरु हो रहा है, 2018-19 में इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। इस रूट पर मोनो रेल चलने से लोगों को भारी राहत मिलेगी। ट्रैफिक पर बहुत हद तक निजात पाया जा सकेगा। मोनो रेल का दूसरा चरण 27,000 करोड़ रुपए में पूरा किया जाएगा।


रोरो परियोजना

यह परियोना 2018 तक पूरी हो जाएगी। योजना के तहत मुंबई के भाऊचा धक्का से नेरुल और मांडवा के बीच जल यातायात सेवा शुरु की जाएगी।  इस सेवा के शुरु होने से 3 घंटे का रास्ता 15-17 मिनट में तय कर लिया जाएगा। परियोजना को पूरा करने में लगभग 32 करोड़ का खर्च आएगा।

मेट्रो

मुंबईकर वर्तमान में वर्सोवा-अंधरी-घाटकोपर मेट्रो सेवा का लाभ उठा रहे हैं। 2021 तक मुंबई के अलावा भायंदर और ठाणे तक भी मेट्रो दौड़ेगी। वर्सोवा और घाटकोपर के बीच पहले बहुत ज्यादा ट्रैफिक रहता था, मगर जबसे मेट्रो सेवा शुरु हुई,  ट्रैफिक पर काबू पा लिया गया है। जहां वर्सोवा से घाटकोपर जाने में घंटों का समय लगता था, अब यही सफर सिर्फ 20 मिनट में तय हो जाता है।


बुलेट ट्रेन

2023 में मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन दौड़नी शुरु हो जाएगी। इसका किराया रेलवे के फर्स्ट क्लास के एसी   से थोड़ा अधिक होगा। फर्स्ट एसी का किराया 1895 रुपए है, तो वहीं बुलेट ट्रेन का किराया 2800 रुपए होगा। यह बुलेट ट्रेन 300 किमी प्रति घंटा की स्पीड से रूट पर दौड़ेगी। मुंबई से अहमदाबाद की दूरी 505 किमी है, जिसको तय करने में रेल को 7 घंटे का समय लगता है। वहीं बुलेट ट्रेन इस दूरी को महज 2 घंटे में तय कर लेगी। इस प्रोजेक्ट में जापान इंडिया का तकनीकि और फायनेशियल दोनों तरह की सहायता कर रहा है। मुंबई देश का ऐसा पहला शहर है जहां बुलेट ट्रेन दौड़ेगी।  


एसी लोकल

मुंबई की ज्यादातर पब्लिक लोकल ट्रेन से ही सफर करती है, लोकल ट्रेन में भारी भीड़ की वजह से गर्मी भी अधिक पड़ती है। साथ ही गेट खुले होने के कारण कई बार लोग ट्रेन के नीचे भी आ जाते हैं। इन्ही सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एसी लोकल चलाने का निर्णय लिया है। इस साल की दिवाली से बोरीवली से चर्चगेट के बीच एसी लोकल शुरु हो जाएगी। वर्तमान में 10 ट्रेन ही छोड़ी जाएंगी, पर आगे चलकर इनकी संख्या में वृद्धि होगी।


रोप वे

जो लोग नवी मुंबई से घाटकोपर और बोरीवली से ठाणे का सफर हर रोज तय करते हैं उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उनका यह सफर हवाई सफर बनेगा। माथेरान समेत नवी मुंबई से घाटकोपर और बोरीवली से ठाणे इस मार्ग पर रोप वे सेवा शुरु होने जा रही है।

मार्ग - बोरिवली संजय गांधी उद्यान से ठाणे घोडबंदर रोड

दूरी - 11 किमी

अपेक्षित खर्च - 12 हजार से 15 हजार करोड़ रुपए

मार्ग - वाशी, नवी मुंबई से घाटकोपर बस डेपो

दूरी - 8 किमी

अपेक्षित खर्च - 800 से 900 करोड़ रुपए

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