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इस साल कलाई पर सजेगी 'हिन्दुस्तानी राखी'

हमारे देश में लंबे वक्त से चाइनीज राखी (Chinese Rakhi) का भी बोलबाला रहा है। पर इस साल चाइनीज राखी मार्केट (Market) में दिखने वाली नहीं हैं।

इस साल कलाई पर सजेगी 'हिन्दुस्तानी राखी'
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देश में हर साल बड़े पैमाने पर रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार से कई लोगों की अजीविका भी जुड़ी हुई है। देश में राखी का एक बड़ा बाजार है। हमारे देश में लंबे वक्त से चाइनीज राखी (Chinese Rakhi) का भी बोलबाला रहा है। पर इस साल चाइनीज राखी मार्केट (Market) में दिखने वाली नहीं हैं। क्योंकि देश वासियों का चाइना के गैर जिम्मेदाराना रवैया को लेकर काफी रोष है। जब लोग चाइनीज राखी लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो विक्रेता भी इसे नहीं खरीद रहे हैं।  

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 22 जून की रात चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना पर हमला बोल दिया था, जिसमें भारीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद से देश में चाइना के प्रति तगड़ा रोष देखने को मिला। यहां तक कि भारत सरकार ने चाइना के 59 ऐप भी बैन किए हुए हैं।    

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व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन, कॉन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने चीनी सामान के बायकॉट का आह्वान किया है। संगठन ने अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, महेंद्र सिंह धोनी, और सचिन तेंदुलकर सहित मशहूर हस्तियों से अपील की है कि वे 'भारतीय सामान-हमारा अभिमान' अभियान के तहत चीनी उत्पादों को एंडोर्समेंट बंद करें। जिसका पालन बड़े पैमाने पर होता दिख रहा है। इस पहल का असर रक्षाबंधन के त्योहार में भी देखने को मिल रहा है। लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर चाइनीज राखी का विरोध किया जा रहा है।  

व्होलसेल राखी के विक्रेता पप्पू राजा (सायन)  का कहना है, इस साल चाइनीज राखी पूरी तरह से बंद है। हम हिन्दुस्तानी राखी ही बेच रहे हैं। रिटेलर्स की भी डिमांड सिर्फ हिन्दुस्तानी राखी की ही आ रही है। ये राखियां - मोती, रेशम, धागा, स्टोन से बनी हुई हैं। पप्पू राजा ने आगे कहा, चाइनीज राखी हम बेचना भी नहीं चाहते हैं और न ही हमें किसी ने माल खरीदने के लिए अप्रोच किया है। 

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टिटवाला की रहिवासी भारती ठाकुर का कहना है कि वैसे सच पूछा जाए तो हर साल रक्षाबंधन में राखी खरीदते समय यह कभी एहसास ही नहीं हुआ कि मैं चाइनीज़ राखी खरीद रही हूं, दरअसल कभी सोचा ही नहीं जो डिज़ाइन पसंद आ जाता था वही खरीद लेती थी, लेकिन जब से चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया है तब से चीन से ही नहीं बल्कि चीनी सामानों से भी नफरत सी हो गई। हम यह भूल ही गए थे कि भारत मे चीन का कितना बड़ा मार्किट है और हम ही चीन को ताकतवर बना रहे हैं। पर अब बस, अब से मैं अपने भाई के हाथ में हिंदुस्तानी राखी ही बांधूंगी।

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