सरकार के वादे झूठे! कब खत्म होगा ये इंतजार...

मालाड - मुंबई में 1993 में हुए बम ब्लास्ट के बाद काफी लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और 700 से भी अधिक लोग जख्मी हुए थे। अब इस मामले को करीब 24 साल बीत गए हैं इसके बावजूद लोग सरकार की मदद मिलने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उनमें से ही एक हैं मालाड में रहने वाले कीर्ति अजमेरा। अजमेरा 12 मार्च 1993 में हुए बम ब्लास्ट में बुरी तरह जख्मी हो गए थे, लेकिन आजतक इन्हें सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिली है। कीर्ति अजमेरा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज जा रहे उसी वक्त धमाका हुआ और वो जख्मी हो गए थे।

अभी तक इनके बम धमाके के जख्म हरे हैं, इनके शरीर से जो कांच के टुकड़े निकले हैं उनमें से कुछ टुकड़े इन्होंने बचा कर रखे हैं। अभी भी कई टुकड़े इनके शरीर में हैं। अब इस धमाके को करीब 24 साल बीत गए हैं। इसके बावजूद लोग सरकार की मदद के लिए दर दर भटक रहे हैं। वहीं सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन भी पूरे नहीं हुए हैं।

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