बीजेपी ने खेला सेफ गेम

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बीजेपी ने खेला सेफ गेम

मुंबई - बीएमसी में अपना महापौर बैठाने की तैयारी शिवसेना -बीजेपी ने एक साथ शुरु की थी। बीजेपी ने पूरी तैयारी की थी की या तो वो अपना महापौर बनाएंगी या फिर विपक्ष में बैठेगी। लेकिन इन दोनों भूमिकाओं पर बीजेपी ने यू टर्न ले लिया है। बीजेपी ने एलान किया है की वो महापौर पद और उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार खड़े नहीं करेगी। जिससे शिवसेना के मेयर पद का रास्ता साफ हो गया। साथ ही बीजेपी ने सत्ता में रहने का फैसला किया है।

मुंबई महापौर पद के लिए शिवसेना के विश्वनाथ महाडेश्वर और उप महापौरपद के लिए हेमांगी वरर्लीकर ने अपनी उम्मीदवारी भरी। जिसके बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा की मुंबई बीएमसी में बीजेपी महापौर, उपमहापौर के साथ साथ स्थायी, सुधार, शिक्षण और बेस्ट समिती के अध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव नही लडेंगे।

बीजेपी ने मुंबई में महापौर बनाने के लिए गीता गवली और निर्दलिय नगरसेवक मुमताज खान का भी समर्थन लिया था। एक तरफ बीजेपी राज्य में सरकार बचाने की कोशिस कर रही थी तो वही दूसरी तरफ बीएमसी में भी युति की संभावनाओं को भी बचाए रखा। लेकिन बीजेपी ने एन समय पर अपने इस मास्टर स्ट्रोक से सारी पार्टियों को स्तंब्ध कर दिया।

समिति की बैठक में भाजपा के किंगमेकर

भाजपा के कुल नगरसेवको की संख्या 84 होने के कारण स्थाई समिति में बीजेपी औऱ शिवसेना के 10-10 सदस्य होंगे। इसके साथ ही सुधार समिती और बेस्ट समिति में भी समान सदस्य है। लेकिन बड़ी हुई नगरसेवकों की संख्या के कारण अब बीजेपी बीएमसी की कई समितियों में किंग मेकर बनकर उभरेगी।


उत्तर प्रदेश के चुनाव में सेफ जोन
बीजेपी में महापौर पद के लिए अपने दावेदार ना उतार कर ये साफ कर दिया की उनकी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में किसी भी तरह का कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए उसने बीएमसी में सारे पदो का त्याग करते हुए सेफ जोन में अपने आप को बनाए रखा।

...तो भी बीजेपी विरोधी पार्टी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा की बीजेपी विपक्ष में नहीं बैठेगी। बावजूद इसके बीजेपी किसी भी विपक्षी पार्टी के रोल से जुदा नहीं होगी। बीएमसी के अधिनियमुनार सत्ता पक्ष को समर्थन के साथ दूसरी नंबर की सबसे बड़ी पार्टी को विरोध पार्टी के रुप मे देखा जाता है।

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