छगन भूजबल को फिर कोर्ट से झटका , जमानत अर्जी हुई नामंजूर

पीएमएलए अदालत के जस्टिस एमएस आज़मी ने अपने फैसले में छगन भुजबल के जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

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राष्ट्रवादी पार्टी के नेता और मनि लॉड्रींग केस में जेल में बंद छगन भुजबल को एक बार फिर से कोर्ट से जोरदार फटकार मिली है। पीएमएलए कोर्ट ने छगन भूजबल की जमानत अर्जी को खारीज कर दिया है। सोमवार को विशेष पीएमएलए अदालत के जस्टिस एमएस आज़मी ने अपने फैसले में छगन भुजबल के जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

हालांकी इसके बाद छगन भुजबल अब इस मामले में हाईकोर्ट का रुख करने जा रहे है। सुप्रीम कोर्ट के पीएमएलए अधिनियम के अनुच्छेद 45 को रद्द करने के बाद, भुजबल को जमानत की उम्मीद जागी थी।

ईडी ने किया ता कड़ा विरोध

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से एच.एच. वेनेगांवकर ने भुजबल की जमानत याचिका का विरोध किया था , न्होंने दावा किया कि जमानत याचिका असंवैधानिक थी।

कुछ दिनों पहले सर्वोच्च न्यायालय ने पीएमएलए अधिनियम के अनुच्छेद 45 को रद्द कर दिया था और साथ ही यह भी कहा था की इस आरोप में गिरफ्तार सभी आरोपियों को जमानत की याचिका के लिए फिर से सत्र न्यालयात न्यायालय की ओर जाने का आदेश दिया था।

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