मुख्यमंत्री ने भरा दम, कहा- शिवसेना के बगैर भी हम जीत सकते हैं।


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अभी हाल ही में जब पालघर चुनाव का रिजल्ट सामने आया तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि बीजेपी शिवसेना के साथ युति करने को तैयार है, लेकिन अब फडणवीस के सुर बदले बदले से नजर आ रहे हैं। उन्होने शिवसेना के रुख को देखते हुए कार्यकर्ताओं को 'एकला चलो रे' की नीति पर अभी से ही चुनाव करने की तैयारी में लग जाने को कहा।


'एकला चलो रे'
सोमवार को दादर स्थित बीजेपी के वसंत स्मृति कार्यालय में हुई प्रदेश पदाधिकारी की बैठक में कई मंत्री समेत पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की बैठक में मुख्यमंत्री ने भी शिरकत किया था। इस बैठक में मुख्यमंत्री समेत कई बड़े-बड़े पदाधिकारी भी शामिल हुए। लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पालघर उपचुनाव जीत कर बीजेपी ने यह साबित कर दिया कि बीजेपी भी शिवसेना के बगैर भी चुनाव जीत सकती है। उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना चाहे साथ आए या न आए, हम 'एकला चलो रे' की राह पर चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओ से कहा कि अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर वे अभी से ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दें।


'शिवसेना को साथ लाने का प्रयास रहेगा जारी'
इस मौके पर बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने कहा कि शिवसेना हमारी सबसे पुरानी मित्र पार्टी है उसे साथ लाने का प्रयत्न शुरू है और शुरू रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि युति एक तरफा नहीं होती, अगर शिवसेना की तरफ से अच्छा प्रतिसाद नहीं मिलेगा तो हम अकेले ही लड़ेंगे। दानवे ने कहा कि बीजेपी ने अपनी भूमिका सामने रख दी है अब शिवसेना की क्या प्रतिक्रिया रहेगी इसका इंतजार रहेगा।


'सहयोगी या विरोधी'
गौरतलब है कि शिवसेना बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है लेकिन शिवसेना बीजेपी की नीतियों को लेकर सबसे अधिक विरोधी स्वर में मुखर भी रहती है। बीजेपी की नीतियों के खिलाफ शिवसेना ने बीजेपी से किसी भी चुनाव में युति नहीं करने की घोषणा भी कर दी। और यही कारण था कि पालघर के उपचुनाव में बीजेपी के खिलाफ शिवसेना ने अपना उम्मीदवार भी खड़ा किया था। इसके पहले भी शिवसेना कई बार पीएम मोदी सहित बीजेपी पर खुलेआम हमला करती रहती है।

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