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महाराष्ट्र लॉकडाउन - सिर्फ 5 प्रतिशत कर्मचारी ही करेंगे काम

सरकार ने लोकल ट्रेनों, बस को पूरी तरह से बंद कर दिया है

महाराष्ट्र लॉकडाउन - सिर्फ 5 प्रतिशत कर्मचारी ही करेंगे काम
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राज्य में पिछले कुछ घंटों में कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों की संख्या 64 से बढ़कर 74 हो गई है। एक ही दिन में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से प्रभावित 10 नए मामले सामने आए है। इसलिए अंतत: पूरे महाराष्ट्र में संचार पर प्रतिबंध की धारा 144 लगाने का निर्णय लिया गया है।  प्रतिबंध रविवार आधी रात से शुरू होगा और 31 मार्च तक जारी रहेगा।  नतीजतन, गलियों में सड़कों पर दिखाई देने या सड़कों पर खड़े होने पर 5 से अधिक व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाएगी।



राज्य सरकार ने मुंबई की लाइफ लाइन कही जानेवाले लोकल ट्रेन को पहले ही बंद करने का फैसला लिया है। इसके बाद, एसटी बस सेवा, जो राज्य में संचार का एक महत्वपूर्ण साधन है, को बंद कर दिया गया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोगों के कर्फ्यू के जवाब में, मेट्रो और मोनो ने पहले ही अपनी सेवाएं बंद कर दी थीं।  इसके अलावा, रेल मंत्रालय ने 3 हजार 700 एक्सप्रेस ट्रेनों को बंद करने के आदेश भी जारी किए थे।


राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार दोपहर को सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र में धारा 144 को लागू करने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने इस समय कहा, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में  धारा 144 को रविवार मध्यरात्रि से लागू करने का निर्णय लिया जा रहा है।  तदनुसार, एसटी, बेस्ट, निजी बस सेवा, रिक्शा-टैक्सी, लोकल ट्रेन पूरे राज्य में पूरी तरह से बंद हो जाएगी।  चूंकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद है, कोई भी विदेश से नहीं आएगा।  साथ ही, जो लोग विदेश से भारत आए हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के लिए घर से बाहर नहीं जाना चाहिए और दूसरों को नहीं निकलने देना चाहिए।  कोरोना वायरस के गुणक तरीके से गुणा करने के लिए अत्यधिक देखभाल की आवश्यकता होती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि "मंदिर, मस्जिद और सभी धार्मिक स्थल बंद होने चाहिए।  खाद्यान्न का भंडारण बिल्कुल न करें।  सिटी बस सेवा का उपयोग केवल जरूरी सेवाओं के लिए किया जाएगा।  वर्तमान समय में जीवन बचाना महत्वपूर्ण है।  अगर जरूरत पड़ी तो 31 मार्च के बाद लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा"


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