Coronavirus Update: राज्य से पलायन करने वालों के लिए बनाए गए 163 केंद्र, भोजन-पानी की भी रहेगी व्यवस्था


Coronavirus Update: राज्य से पलायन करने वालों के लिए बनाए गए 163 केंद्र, भोजन-पानी की भी रहेगी व्यवस्था
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प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कोरोना वायरस या COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर देशव्यापी तालाबंदी की घोषणा की।  भारत में COVID-19 मामलों की कुल संख्या अब तक कुल 1,071 हो गई है, जबकि महाराष्ट्र में इसकी संख्या बढ़ कर 232 तक पहुंच गए हैं।

 हालांकि, लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर और श्रमिक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि उनके पास कुछ काम नहीं है, लिहाजा उन्हें भूखे रहने की मौबत आ गयी है।  इसलिए, उनमें से अधिकांश लोग अपने गाँव जाना चाहते हैं लेकिन लॉकडाउन के कारण संभव नहीं हो पा रहा है।

इसी संकट के बीच, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घोषणा की कि,  सरकार प्रवासी श्रमिकों और मजदूरों की देखभाल करेगी और उन्हें कोरोनो वायरस के प्रकोप के मद्देनजर कहीं जाने की जरूरत नही है। उन्होंने आगे कहा कि, लोगों को उनके भोजन सहित सभी आवश्यक चीजें मुहैया कराई जाएगी।

उद्धव ने कहा, वे राज्य में सुरक्षित हैं सभी को भोजन और सभी आवश्यक वस्तुएं दी जाएंगी, लेकिन लोगों को अपना स्थान नहीं छोड़ना चाहिए।  मैं समझता हूं कि वे चिंतित हैं लेकिन उन्हें नहीं छोड़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने के लिए 163 केंद्र स्थापित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 'शिवभोजन' थाली के दाम को घटा कर 10 के बजाय अब 5 रुपये कर दिया गया है। इससे पहले, महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने भी इसकी सूचना दी थी।

 'शिव भोजन थाली' महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई एकमहत्वकांक्षी योजना है।  इसकी कीमत पहले गरीबों और जरूरतमंदों के 10 रुपये रखी गयी थी।  लेकिन कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर, जब 21 दिनों के लिए राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की घोषणा कर दी गयी और मजदूरों को पैसा कमाने का कोई रास्ता नहीं बचा है, तो शिव भोज थाली की दरों को आधा कर दिया गया।

 इससे पहले, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर फंसे हुए श्रमिकों को मदद की आवश्यकता होती है तो उन्हें तहसीलदारों, जिला कलेक्टर या अन्य स्थानीय स्व-सरकारी निकायों से संपर्क करना चाहिए।

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