राष्ट्रपति चुनाव : महाराष्ट्र में हुई 22 क्रॉस वोटिंग

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राष्ट्रपति चुनाव : महाराष्ट्र में हुई 22 क्रॉस वोटिंग
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एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। जहां विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को कुल 3,67,314 यानी 34.35 फीसदी वोट मिले तो वहीँ कोविंद को 3,67,314 मतलब 65.65 फीसदी वोट मिले। कोविंद 25 जुलाई को शपथ ग्रहण करेंगे।


महाराष्ट्र बीजेपी में ख़ुशी की लहर



रामनाथ कोविंद की जीत से महाराष्ट्र बीजेपी में ख़ुशी की लहर फ़ैल गई है। मुंबई के बीजेपी कार्यकर्ताओ ने जगह-जगह मिठाइयां बांटी और पटाखे फोड़े। इस मौके पर मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने सभी लोगों को जीत की बधाई देते हुए जनता का आभार व्यक्त किया।


22 लोग कौन हैं?


कोविंद की इतनी बड़ी जीत से यह तो स्पष्ट हो गया कि अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र में भी क्रॉस वोटिंग पड़ी थी। इसका दावा विधायक रवि राणा ने भी किया था। महाराष्ट्र विपक्ष में कुल 22 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग किया। महाराष्ट्र में कुल 288 विधायकों में से 287 लोगों ने हो वोट दिया था। एक विधायक क्षितिज ठाकुर दौरे के चलते अनुपस्थित रहे। इन 288 विधायकों में से 208 ने कोविंद के पक्ष में वोट किया और 77 विधायकों ने यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार को वोट दिया जबकि दो वोट अपात्र घोषित किये गए।

राजनीति के जानकारों की माने तो कोविंद के पक्ष में 208 वोट पड़ने का मतलब है कि 22 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग किया है। ऐसा इसीलिए कि बीजेपी, शिवसेना और अन्य सहयोगी दलों को मिलाकर कुल 186 वोट होते हैं, जबकि कोविंद को मिले हैं 208 वोट। मतलब 22 वोट अधिक। अब यह 22 विधायक कौन हैं जिन्होंने अपनी पार्टी के साथ दगा किया, यह एक यक्ष प्रश्न है?  


रवि राजा का आंकड़ा


निर्दलीय विधायक रवि राजा ने इसके पहले दावा किया था कि एनसीपी के 5 से 6 और कांग्रेस के 8 से 9  विधायकों ने क्रॉस वोटिंग किया है। वे मुख्यमंत्री के सम्पर्क में भी थे। रवि राजा कहते हैं कि, 'निर्दलीय के 5 और कांग्रेस-एनसीपी के 14 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग किया है, जबकि एनसीपी कहती है कि उसके मात्र 1 विधायक ने क्रॉस वोटिंग किया है। जिसने भी क्रॉस वोटिंग किया है उसको मेरी और मुख्यमंत्री की तरफ से धन्यवाद।'


कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण का कहना है कि यह आईडीओलॉजिकल की लड़ाई थी। कोविंद को 17 से 18 पार्टियों का समर्थन प्राप्त था, जबकि हमारी संख्या बल कम थी। हम आगे की जानकरी इकट्ठा कर अध्ययन करेंगे उसके बाद ही कुछ बोलेंगे।


एनसीपी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे का कहना है कि हमारी पार्टी की मात्र एक वोट गया है और वो है रमेश कदम का। रमेश कदम का वोट छोड़ कर अन्य सभी 40 वोट मीरा कुमार के ही पक्ष में वोट पड़े हैं।



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