मोदी सरकार संघ के जासूसों को मंत्रालय में लाना चाहती है- एनसीपी

बिना यूपीएससी पास किए ब्यूरोक्रेट बनने के लिए मोदी सरकार द्वारा किये गए बदलाव का विरोध अब एनसीपी ने भी किया है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि इस बदलाव के जरिये सरकार मंत्रालय में संघ के जासूसो को रखना चाहती है।

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बिना यूपीएससी पास किए ब्यूरोक्रेट बनने के लिए मोदी सरकार द्वारा किये गए बदलाव का विरोध अब एनसीपी ने भी किया है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि इस बदलाव के जरिये सरकार मंत्रालय में संघ के जासूसो को रखना चाहती है। नवाब मलिक ने कहा कि संघ यूपीएससी के माध्यम से देश को नहीं लूट पा रही है इसीलिए सरकार की तरफ से यह नया रास्ता बनाया गया है।

 
संविधान के खिलाफ सरकार 
नरीमन पॉइंट में स्थित एनसीपी कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए नवाब मालिक ने कहा कि प्राइवेट कर्मचारयों को प्रशासकीय सेवा में सचिव स्तर तक बिना परीक्षा दिए मात्र लैटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्त करने का सरकार का यह निर्णय नियमों के खिलाफ है। संविधान के नियम 312 के मुताबिक बिना नियमावली तैयार किये और सदन में बिना मंजूरी के किसी भी तरह से सरकारी विभाग में भर्ती संपन्न नहीं हो सकती।


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कानून अलग क्यों?
मलिक ने आगे कहा कि इस निर्णय से ओबीसी, sc/st वर्ग के लोगों को दिए गए आरक्षण की कमी होगी। मालिक के मुताबिक अगर कोई भी इस पद्धति के अनुसार भर्ती होता है तो वह सरकारी कर्मचारी नहीं होगा तो उस पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कानून बनाए गए हैं उसे लेकर भी अलग कानून उस पर लागू होगा।


अधिकारों का हनन 
एनसीपी प्रवक्त ने अनुसार इसके पहले गुजरात में भी इसी तरह से व्यवस्था शुरू की गयी थी और अब महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार यह व्यवस्था शुरू कर रही है। सरकार का यह नियम पिछड़े हुए लोगों के साथ दलित, आदिवासी, ओबीसी वर्ग का अधिकार छिनने के लिए बनाया है। तंज कसते हुए मलिक ने कहा न तो उनसे कोई प्रश्न पूछ सकता है और न ही वे जवाब देते  हैं।


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मालिक ने कहा इसके खिलाफ लोगों को साथ आना होगा और मिल कर लड़ाई लड़नी होगी। मलिक ने आशा जताई कि यह मुद्दा जरूर कोर्ट में जायेगा।

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