मुख्यमंत्री भी करप्शन के समर्थन में - नवाब मलिक

नवाब मलिक ने बीजेपी पर सीधा सीधा आरोप लगाते हुए मुंबई नागपुर को जोड़ने वाली समृद्धि महामार्ग को बीजेपी का सबसे बड़ा घोटाला बताया।

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भ्रष्टाचार के आरोपों से हाल ही में बरी हुए सीनियर ब्यूरोक्रैट और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के उपाध्यक्ष राधेश्याम मोपलवार की फिर से नियुक्ति को लेकर एनसीपी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि बीजेपी महामार्ग के जरिए पैसे उगाहने का काम करने वाले अधिकारी को बहाल करने का मकसद है कि बीजेपी भ्रष्टाचार को समर्थन देती है। नवाब मलिक ने बीजेपी पर सीधा सीधा आरोप लगाते हुए मुंबई नागपुर को जोड़ने वाली समृद्धि महामार्ग को बीजेपी का सबसे बड़ा घोटाला बताया। मलिक ने कहा कि इस योजना का नाम भले ही समृद्धि महामार्ग हो लेकिन इस योजना से बीजेपी के नेता समृद्ध हुए हैं। मलिक ने यह बातें पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहीं। मालिक के साथ एनसीपी प्रवक्ता संजय तटकरे और महिला अध्यक्ष चित्रा वाघ भी उपस्थित थीं।


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बीजेपी ने आघाड़ी को किया बदनाम

मलिक ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले 3 सालों में 307 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 39 हजार करोड़ रूपये मंजूर किया। उन्होंने आगे कहा कि जब आघाड़ी की सरकार थी तब हमने सिंचाई परियोजना के तहत 46 हजार करोड़ रूपये खर्च किया लेकिन बीजेपी वालों ने उलटे हम पर ही 70 हजार करोड़ रूपये सिंचाई घोटाले का आरोप लगा दिया। मलिक ने बीजेपी पर सवाल दागते हुए पूछा कि उन्होंने जो 39 हजार करोड़ रूपये की जो मंजूरी दी क्या उसमें घोटाला हुआ है?


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मुख्यमंत्री भी करप्शन के समर्थन में

मलिक ने आगे कहा कि पिछले तीन सालों में 18 से अधिक मंत्रियों पर करप्शन के आरोप लगे हैं लेकिन सभी को सीएम फडणवीस ने क्लीनचिट दे दिया। उनके बाद अधिकारीयों पर भी करप्शन के आरोप लगे लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें भी क्लीनचिट दे दिया। मलिक ने कहा कि इन सबसे मालुम पड़ता है कि इन करप्शन के पीछे मुख्यमंत्री का भी समर्थन था।




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