आरोपों से बरी होकर फिर से पदासीन हुए राधेश्याम मोपलवार

भ्रष्टाचार की एक रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद मोपलवार को पद से बर्खास्त कर दिया गया था.

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भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे और निर्वासित जीवन बिता रहें सीनियर ब्यूरोक्रैट और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के पूर्व उपाध्यक्ष राधेश्याम मोपलवार के लिए मंगलवार राहत भरी खबर लाया। मोपलवार को क्लीनचिट देते हुए देते उन्हें उनके पद पर फिर से बहाली कर दी गयी है। आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के मामले को लेकर मोपलवार की कथित तौर पर एक दलाल के साथ की गयी बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया था।


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क्या था मामला?

इसी साल अगस्त महीने में राधेश्याम मोपलवार उस समय विवादों में घिर गए थे जब एक करोड़ों रुपये के भूखंड को एक बिल्डर को देने के लिए कथिततौर पर की गयी सौदेबाजी की रिकॉर्डिंग वायरल हो गयी थी। इस रिकॉर्डिंग में मोपलवार और एक दलाल बोरीवली के किसी 15 हजार स्क्वायर फिट भूखंड के लिए 4 करोड़ रूपये की सौदेबाजी करते हुए सुनाई दे रहे थे। इस रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद उन पर समृद्धि महामार्ग को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगा और काफी हंगामा मच गया। विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच समिति का गठन कर मोपालवार को छुट्टी पर भेज दिया गया।


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समिति ने किया आरोपों से बरी 

पूर्व चीफ सेक्रेटरी जॉन जोसेफ की अगुवाई में तीन सदस्यीय समिति ने अपने जांच में पाया कि उस ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की गयी है। समिति ने अपणी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने मोपलवार को बड़ी राहत देते हुए उनको फिर से बहाल कर दिया।

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