शरद पवार के मन में मेरे परिवार के लिए गुस्सा क्यो? - कांग्रेस नेता राधाकृष्ण विखे पाटील

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होने कहा की उनके बेटे सुजय विखे पाटील का बीजेपी में प्रवेश करने का फैसला सुजय ने खुद लिया है और वह अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।

SHARE

अपने बेटे सुजय विखे पाटील के बीजेपी में प्रवेश करने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील पहली बार गुरुवार को मीडिया के सामने आए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होने कहा की उनके बेटे सुजय विखे पाटील का बीजेपी में प्रवेश करने का फैसला सुजय ने खुद लिया है और वह अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होने यह भी कहा की पार्टी आलाकमान को उन्होने पूरी परिस्थिती के बारे में अवगत करा दिया है और अब पार्टी जो भी फैसला लेगी उन्हे मंजूर होगा।


शरद पवार पर साधा निशाना

राधाकृष्ण विखे पाटील ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर भी निसाना साधते हुए कहा की शरद पवार ने मेरे पिता के खिलाफ एक बयान दिया, जिससे पता चलता है कि उनका मेरे या मेरे परिवार के प्रति कोई सम्मान नहीं है। इसलिए मेरे लिए अहमदनगर में राकांपा के उम्मीदवार के प्रचार के लिए जाने का कोई सवाल ही नहीं है। मैं किसी और के लिए भी प्रचार नहीं करूंगा। उन्होने साफ किया की वह अपने बेटे सुजय के भी प्रचार में नहीं जाएंगे।

तीन बार करना पड़ा हार का सामना
नगर में हुए चुनावों में एनसीपी को तीन बार हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर यह जगह मिल जाती तो कांग्रेस को फायदा होता। इस विषय पर कई बार चर्चा हुई। हमने समन्वय बनाने की पूरी कोशिश की थी। स्वाभिमान और वंचित आघाडी के नेता के लिए कौन सी सीटें छोड़नी है इस पर चर्चा जारी थी। लेकिन राकांपा अपनी भूमिका पर अडिग थी।

सुजय पाटिल पिछले दो साल से अहमदनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह कांग्रेस से उम्मीदवारी चाहते थे, लेकिन बंटवारे में यह सीट राकांपा के पास चली गई। राकांपा यह सीट कांग्रेस से बदलने को तैयार नहीं हुई, जिसके बाद सुजय ने बीजेपी का दामन थाम लिया।

यह भी पढ़ेकांग्रेस के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जाहीर, मिलिंद देवड़ा और प्रिया दत्त को टिकट

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें