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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव- चांदिवली विधानसभा चुनाव


महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव- चांदिवली विधानसभा चुनाव
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चांदिवली विधानसभा कांग्रेस का गढ़ माना जाता है।  1999 से लेकर 2014 के बीच हुए चारों विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नसीम खान सीट पर विजय पताका लहराते रहे हैं। नसीम खान पिछलें कांग्रेस एनसीपी सरकार में मंत्री रह चुके है।  नसीम खान के सामने इस बार शिवसेना ने नगरसेवक दिलीप लांडे चुनावी मैदान में है।  हालांकि, 2009 में लांडे नसीम खान से चुनाव हार चुके हैं। अब 10 साल बाद फिर नसीम और लांडे आमने-सामने हैं, बस फर्क इतना है कि उस चुनाव में लांडे ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण से चुनाव लड़ा था और इस बार शिवसेना से लड़ रहे हैं। दो पुराने प्रतिद्वंदी एक बार फिर आमने-सामने हैं।


क्या है मतदाताओं की संख्या


मतदाताओं की संख्या के हिसाब से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र चांदिवली ही है। यहां पर 3,79,297 मतदाता हैं। 1.10 लाख मुस्लिम, एक लाख मराठी, 90 हजार हिंदी भाषी, 15 हजार दक्षिण भारतीय, 15 हजार गुजराती, 5 हजार इसाई मतदाताओं के अलावा बंगाली, उड़िया व अन्य मतदाता भी हैं। मुस्लिम मतदाताओं में 75 प्रतिशत के करीब उत्तर भारतीय मुस्लिम हैं। जबकि हिंदी भाषियों में करीब 80 प्रतिशत मतदाता यूपी और बिहार के हैं।


कांग्रेस का गढ़


सन 1999 में नसीम खान पहली बार विधायक चुने गए थे। उसके बाद सन 2004 में खान से शिवसेना के दत्तराम गुजर को पराजित किया। सन 2009 के चुनाव में नसीम खान ने मनसे के दिलीप लांडे को हराया था। उस चुनाव में नसीम ने लांडे को 33,715 मतों के अंतर से पराजित किया था। सन 2014 के मोदी लहर में नसीम खान ने शिवसेना के संतोष रामनिवास सिंह को 29,469 मतों से पराजित किया था। उस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया था। सन 2014 का चुनाव सभी दलों ने अलग-अलग लड़ा था, लेकिन हालिया लोकसभा चुनाव नतीजे नसीम खान के लिए अच्छे नहीं थे। यहां से भाजपा की पूनम महाजन को 1,00,998 वोट और कांग्रेस की प्रिया दत्त को 73,743 वोट मिले थे। मतलब 27,255 मतों के अंतर से भाजपा आगे थी, लेकिन विधानसभा के लिए यहां भाजपा का नहीं, बल्कि शिवसेना का उम्मीदवार है।


और कौन कौन उम्मीदवार


कांग्रेस के नसीम खान, शिवसेना के दिलीप लांडे, मनसे के सुमीत बारास्कर, वंचित बहुजन के अब्दुल हसन, एमआईएम के मो. इमरान कुरेशी सहित कुल 15 उम्मीदवार किस्मत अजमा रहे हैं। 


क्या है समस्या



40 साल से रह रहे 800 लोगों के पुनर्वसन का मुद्दा काफी गर्म है। इन लोगों के पुनर्वसन का मुद्दा विधानसभा सदन से लेकर सड़क नसीम ने जमकर उठाया। इसके साथ ही ट्रैफिक और अवैध निर्माण कार्य भी इस इलाके में काफी गरम मुद्दा है। 

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