विधायक पर खतरा तो हुआ बवाल, आम जनता भले बेहाल !


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रविवार को मुंबई के नरिमन प्वाईंट में स्थित मनोरा विधायक निवास के एक फ्लैट छत का कुछ हिस्सा गिर गया। बताया गया की इस फ्लैट में एनसीपी के विधायक सतीश पाटील विधिमंडल के सत्र के दौरान ठहरे हुए थे। चूंकी रविवार होने के कारण विधायक जी अपने निर्वाचन क्षेत्र में थे ,लिहाजा उन्हे किसी भी तरह की कोई चोट नहीं आई।  मामला जनता के चुने हुए प्रतिनीधी से जुड़ा हुआ था, इसलिए इस मामले का तुल पकड़ना भी जाहीर थी। मनोरा विधायक निवास में राज्य के विधायक चालु विधानमंडल सत्र के दौरान ठहरते है।

विधायक इलाके के जनता का प्रतिनिधित्व करते है। इसलिए विधायक की सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है। आखिर क्यो इमारत के रखरखाव पर सही ध्यान नहीं दिया गया? सोमवार को ये मुद्दा मॉनसुन अधिवेशन के दौरान ये मुद्दा चर्चा का केंद्र बना रहा। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने सोमवार को विधिमंडन में छत के गिरे हुए हिस्से का एक टुकड़ा मौजूद विधायको और सभापति को दिखाया। क्या अजित पवार इसी तरह राज्य के किसी अन्य हादसे के बाद किसी इमारत के छत का टुकड़ा विधिमंडल में लेकर आए है? यहां तक की कुछ विधायको ने तो मांग कर डाली की आदर्श इमारत में विधायको को रहने दिया जाए।

लेकिन क्या इस तरह की चर्चा एक आम आदमी के घर ढह जाने पर होती है? विधायक भले ही जनता का प्रतिनीधित्व करता है , लेकिन उसे चुनती तो जनता ही है , अगर जनता ही नहीं रहेगी तो विधायक साहब किसकी सेवा करेंगे। इस तरह का हादसा होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। लेकिन क्या हर प्रशासनिक लापरवाही पर इतना हंगामा होता है जितना मनोरा विधायक निवास के मुद्दे पर हुआ।

अभी कुछ दिन पहले ही घाटकोपर इलाके में एक पूरी की पूरी बिल्डिंग गिर गई थी। जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी। और बाकी जो बचे उनके सामने अब आशियाने का सवाल खड़ा हो गया है। गौरतबल है की इनके साथ इक्का दुक्का विधायक ही दिखे और किसी भी विधायक ने किसी भी सरकारी इमारत का नाम नहीं लिया जहां इन्हे इनका नया आशियाना दिया जा सके। हादसे के बाद अभी भी कई लोग अपने रिश्तेदारो के यहां तो कोई भाड़े पर घर लेकर रह रहा है।

चेंबूर में 21 जुलाई को मॉर्निंग वॉ़क पर निकली एक महिला की मौत सिर्फ इस वजह से हो गई क्योकी बीएमसी ने जिस पेड़ को सही करार दिया था वही पेड़ उस महिला के सर पर अचानक गिर पड़ा। इस मुद्दे पर भी पार्टियों ने कुछ दिनों तक राजनिती की लेकिन किसी ने भी महिला के असली गुनेहगार को नहीं पकड़ा।

मुंबई में पॉटहॉल से होनेवाले हादसो के बारे में आपने कई बार सुना होगा लेकिन कभी भी विधायक इस मुद्दे पर एक सुर नहीं मिलाते। इमारतो का ढहना मुंबई में कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस तरह की चर्चा मनोरा विधायक निवास पर हुई उस तरह की चर्चा शायद ही कभी होती होगी , वो भी तब जब मिडिया उस खबर को 24 घंटे दिखाते रहे।

शिवसेना के विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा की मनोरा विधायक निवास की हालत एकदम खराब है। मैने भी इस बारे में कई बार शिकायत की है। सरकार को विधायको के रहने की व्यवस्था करनी चाहिए।

किसी के जान के साथ खिलवाड़ करने के मामले को कभी भी सही नही माना जा सकता है। विधिमंडल में मनोरा विधायक निवास पर चर्चा होना बिल्कुल सही है, लेकिन इस तरह की चर्चा आम जनता के जान के साथ होनेवाले खिलवाड़ को लेकर भी होनी चाहिए, ना की राजनीति।



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