महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू- कैसे होता राज्य में काम!

राष्ट्रपति शासन के बाद मंत्रियों को बंगला और कार्यालय खाली करने का आदेश

SHARE

महाराष्ट्र में चुनाव नतीजों के 19 दिन बाद मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य के तीन प्रमुख दलों भाजपा, शिवसेना और राकांपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था, लेकिन कोई भी दल सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं जुटा पाया। जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।  

विधानसभा भंग

राष्ट्रपति शासन लागू करने के आदेश में विधानसभा को भंग करने या निलंबित रखने का उल्लेख होता है। भंग किए जाने की स्थिति में विधानसभा के पास कोई शक्ति नहीं होती और महीने के अंदर दोबारा चुनाव कराने जरूरी होते हैं। अगर राज्यपाल को लगता है कि राज्य में स्थिति बदल सकती है या सरकार बनाई जा सकती हैतो वे विधानसभा को निलंबित करने की सिफारिश करते हैं।

संसद के दोनों सदनों से अनुमोदन

ज्यादा से ज्यादा 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। इस अवधि के अंदर सरकार बनानी होती है। अगर राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए और बढ़ाना हो तो संसद के दोनों सदनों से अनुमोदन लेना होता है। 

राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है कार्य

राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति के नाम पर राज्य सचिव की सहायता से अथवा राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किसी सलाहकार की सहायता से राज्य का शासन चलाता हैयही कारण है कि अनुच्छेद 356 के अंतर्गत की गई घोषणा को राष्ट्रपति शासन कहा जाता है।राज्य सरकार के सभी कार्य राष्ट्रपति द्वारा ले लिए जाते है, उन कार्यों को राज्यपाल या फिर किसी अन्य अधिकारी के द्वारा किया जाता हैराज्य विधायिका की शक्तियों का प्रयोग राष्ट्रपति की घोषणा के बाद संसद द्वारा किया जा सकता है । संसद उस राज्य के बजट और विधेयक को पारित करती है।संसद को यह शक्ति प्राप्त होती हैकि वह राज्य के लिए कानून बनाने का अधिकार किसी नामित अधिकारी को प्रदान कर सकती है।

मंत्रियों को कार्यालय खाली करने का आदेश

राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के साथ ही  सभी मंत्रियों को बंगला और सरकारी कार्यालय खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। सभी मंत्रियों और सरकार द्वारा नियुक्त किये अधिकारियों को आदेश दिया गया है की वह अपने सरकार बंगले और सरकारी दफ्तरों में रखे सारे कागजात को जमा कर दे।  इसके साथ ही सभी मंत्रियों को यह भी आदेश दिया गया है की अपने कार्यालय के कर्मचारियों को जारी किये गए पहचान पत्र , रबर स्टैंप सहीत मंत्रालय द्वारा जारी किये गए पहचान पत्रों को जल्द से जल्द जमा करा दिया जाए। 

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें