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कोरोना की दूसरी लहर नहीं आनी चाहिए - उद्धव ठाकरे


कोरोना की दूसरी लहर नहीं आनी चाहिए - उद्धव ठाकरे
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) ने कोरोना (Covid-19) पर रोक लगाने के लिए जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कोरोना रोगियों और उनके संपर्क में आये अधिकांश लोगों की तलाश करें, कंटेन्मेंट जोन (Contentment zone) पर अधिक ध्यान दें और बिना किसी लापरवाही के समय पर मरीजों का इलाज करें ताकि किसी भी परिस्थिति में महाराष्ट्र में मृत्यु दर का दूसरा चरण शुरू न होने पाए।

उद्धव सभी विभागीय आयुक्त, नगर पालिका आयुक्त और कलेक्टरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केे द्वारा हुई एक बैठक में बोल रहे थे।

केंद्रीय स्वास्थ्य संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (luv agrawal) भी मुख्यमंत्री के अनुरोध पर बैठक में भाग लिया था। लव अग्रवाल महाराष्ट्र में कोरोना (Corona in maharashtra) को रोकने के लिए हो रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया, विशेष रूप से मुंबई में। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि, राज्य में जिन जिलों में कोविड (Covid) के अधिक मामले सामने आ रहे हैं वहां अधिक प्रभावी उपाय करने की जरूरत है।

इस बैठक में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार (ajit pawar),  स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (rajesh tope) के साथ-साथ टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक, डॉ.शशांक जोशी, डाॅ. राहुल पंडित भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, कोरोना मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में 80 प्रतिशत बेड आरक्षित नहीं रखने पर और मरीजों से अत्यधिक शुल्क वसूलने की शिकायतें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन और नगर पालिकाओं को इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और तुरंत उचित कार्रवाई करनी चाहिए।  उन्होंने कहा कि बेड और एम्बुलेंस की योजना इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने जनशक्ति पर जोर देने के साथ मुंबई में राज्य के अन्य प्रमुख शहरों की तरह ही जंबो सुविधाएं स्थापित करने की बात कही।

कोरोना के प्रसार को रोकना महत्वपूर्ण है, खासकर डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के बीच।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्वास्थ्य कर्मियों को संरक्षित करने और इस तरह के प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है, मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दिनों वेंटिलेटर पर बहुत कम मरीज हैं। मरीजों को इस समय ऑक्सीजन की सबसे अधिक आवश्यकता है।

महाराष्ट्र में कोई भी इस बीमारी को लेकर भ्रम में न रहे। उन्होंने कहा, किसी भी हालत में कोरोना का प्रकोप नहीं फैलना चाहिए और कोरोना की दूसरी लहर नहीं आनी चाहिए।

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