निरुपम के अपमान पर कांग्रेस बिफरी, स्थायी समिति की बैठक हुई स्थगित

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निरुपम के अपमान पर कांग्रेस बिफरी, स्थायी समिति की बैठक हुई स्थगित

कांग्रेस नेता और बीएमसी में विरोधी पक्ष नेता रविराजा ने कहा कि मुंबई के नालासफाई को लेकर मुंबईकरों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। रविराजा ने कांग्रेस के नेता संजय निरुपम को बीएमसी के आपातकालीन कक्ष में न घुसने देने को अपमानजनक बताया और समिति की सभा को भंग करने की मांग की। नालासफाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने शिवसेना को घेरा तो बीजेपी ने भी शिवसेना को आड़े हाथों लिया। आखिरकार कांग्रेस की मांग को ध्यान में रखते हुए स्थायी समिति की बैठक को रद्द कर दिया गया।

रविराजा ने कहा कि प्रसाशन दावा कर रहा था कि नालों की सफाई 80 से 90 फीसदी तक कार दी गई है। मुंबई कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने नालों की सफाई का जायजा भी लिया था लेकिन वे संतुष्ट नहीं थे। नालों में से साफ किए गए कचरे को 20 दिनों तक भी साफ नहीं किया गया था। प्रसाशन ने नालासफाई के नाम पर लोगों से धोखा किया है।

रविराजा ने आगे कहा कि मानसून पूर्व तैयारी के लिए बनाए गए आपातकालीन कक्ष किस तरह की तैयारी करता है इसे देखने ही संजय निरुपम गए थे लेकिन उन्हें कक्ष के अंदर नहीं घुसने दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि कक्ष के अंदर किसे लेना है और किसे अंदर नहीं लेना है इसकी कोई लिस्ट बनी है क्या? रविराजा ने इसका विरोध करते हुए सभा को रद्द करने की मांग की। 

रविराजा की इस मांग का सपा के नेता रईस शेख ने भी समर्थन किया। शेख ने कहा कि नालासफाई को लेकर मनपा की तैयारी अधूरी है। नालों के कचरे को अभी तक नहीं साफ किया गया है जिससे स्थानीय लोग काफी त्रस्त हैं। शेख ने निरुपम को आपातकालीन कक्ष में न घुसने देने की भी आलोचना की।

एनसीपी की गुटनेता राखी जाधव ने भी सत्ता पक्ष का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कई नाले आज भी साफ़ नहीं हुए है। उन्होंने कहा कि निरुपम को कक्ष के अंदर जाने से रोका गया, क्या इसके पहले भी अंदर जाने से रोका गया था? जाधव ने आगे कहा कि 1 जून से नालासफाई को लेकर एनसीपी कई खुलासे करेगी। 

बैठक को स्थगित करने को लेकर सभागृह नेता यशवंत जाधव ने अपना मत व्यक्त करते हुए कहा कि नालासफाई का कार्य 95 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। किसी को भी कोई तकलीफ नहीं हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने पिछले साल की तुलना में इस साल नालासफई के कार्य को अधिक अच्छा बताया।

शिवसेना के विरोध में बीजेपी भी उतरी। बीजेपी नेता मनोज कोटक ने कहा कि नालसफाई में अभी भी कई खामियां हैं। इस पर ध्यान देने की जरुरत है। कोटक ने निरुपम को कक्ष में न आने देने की विषय की जांच करने की मांग की।

इस पूरे प्रकरण में महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त आई.ए.कुंदन ने नालासफाई बाबत कोई तभी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कुंदन ने कहा कि संजय निरुपम के पास आपातकालीन पक्ष में आने से इसीलिए रोका गया क्योंकि कक्ष में आने के लिए परमिशन लगती है जो उनके पास नहीं थी। इस मामले में हम जल्द ही एक लिस्ट बनाने वाले हैं कि किसे अंदर आने देना है और किसे नहीं। इस लिस्ट को हम अगले बैठक में पेश करेंगे।


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