कन्हैया कुमार अच्छे वक्ता हैं, बीजेपी को उनकी आलोचना करने का नैतिक अधिकार नहीं- शिवसेना

'सामना' में यह भी लिखा गया है कि कन्हैया कुमार एक अच्छे वक्ता हैं। वे बागी और बेरोजगार युवाओं का नेतृत्व करते हैं, भाजपा को कन्हैया कुमार की निंदा करने का क्या नैतिक अधिकार है?'।

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कहते हैं दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है, अब इसी तर्ज पर शिवसेना बीजेपी को घेरने में लगी है। छात्र नेता कन्हैया कुमार पर देशद्रोह के मामले में एक दिन पहले ही चार्जशीट दाखिल की गयी है। अब शिवसेना ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी से हाथ मिलाने के बाद भाजपा को छात्र नेता कन्हैया कुमार की आलोचना करने का नैतिक अधिकार नहीं है। यही नहीं शिवसेना ने कन्हैया को अच्छा वक्ता और नेता भी बताया।

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे संपादकीय में शिवसेना ने परोक्ष रूप से अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी की आलोचना की है। शिवसेना ने कहा है कि भाजपा ने कश्मीर की पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती से हाथ मिलाकर बहुत बड़ा ‘पाप' किया,  क्योंकि महबूबा मुफ्ती संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को शहीद मानती हैं। अब भाजपा को अपने फायदे के लिए कन्हैया के खिलाफ दर्ज राजद्रोह मामले से राजनीतिक लाभ नहीं लेना चाहिए और न ही ऐसी कोशिश करनी चाहिए।  

संपादकीय में आगे लिखा गया है कि  2008 मुंबई आतंकवादी हमलों के दोषी अजमल कसाब जैसे आतंकी को भी अदालत ने अपने बचाव का अवसर दिया गया इसीलिए कन्हैया कुमार को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए, अगर उसके खिलाफ लगे आरोप सही नहीं हैं, तो वे अदालत में टिक नहीं पाएंगे।

'सामना' में यह भी लिखा गया है कि कन्हैया कुमार एक अच्छे वक्ता हैं। वे बागी और बेरोजगार युवाओं का नेतृत्व करते हैं, भाजपा को कन्हैया कुमार की निंदा करने का क्या नैतिक अधिकार है?'।

आपको बता दें कि साल 2016 फरवरी में दिल्ली के जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए गये थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार एवं अन्य के खिलाफ सोमवार को कोर्ट में चार्जशीट दायर किया।

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