बीजेपी के साथ 50-50 का फार्मूला केवल अफवाह- संजय राउत

राउत ने कहा कि हमारी यह इच्छा जरुर है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का हो, इस इच्छा को हमने जगजाहिर भी किया है, तो इसमें गलत क्या है? सीटों के मामले में जो भी निर्णय होगा वह पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे का होगा, वे जो भी कहेंगे वही पार्टी की भी भूमिका होगी।

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बिहार में बीजेपी के सहयोगी दलों जदयू और लोजपा के बीच सीटों को लेकर मची रार अब थम गयी है। अब इन तीनों पार्टियों के बीच समझौता हो गया है। महाराष्ट्र में भी यह चर्चा होने लगी कि बीजेपी और शिवसेना के बीच अब सब कुछ सामान्य हो गया है। दोनों पार्टियों ने सीटों को लेकर 50-50 फार्मूले पर अपनी सहमती जता दी है। यह चर्चा अभी हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के मुलाक़ात के बाद अचानक से उठी। लेकिन शिवसेना के सांसद संजय राउत ने ऐसे किसी समझौते से इनकार करते हुए इसे मात्र अफवाह बताया और इसे मीडिया की देन बताया।  

'मुख्यमंत्री हमारा हो'
चर्चा है कि बीजेपी ने विधानसभा की 288 सीटों पर 144 तो लोकसभा की 48 सीटों में से 24 सीटें शिवसेना को ऑफर दिया है जिस पर शिवसेना मान गयी है। लेकिन बीजेपी के साथ सीटों को लेकर समझौता होने की बात पर राउत ने कहा कि इस तरह की कोई भी बात शिवसेना की तरफ से न तो कोई नेता ने की और न ही शिवसेना के किसी मुख पत्र में छपा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी यह इच्छा जरुर है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का हो, इस इच्छा को हमने जगजाहिर भी किया है, तो इसमें गलत क्या है? सीटों के मामले में जो भी निर्णय होगा वह पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे का होगा, वे जो भी कहेंगे वही पार्टी की भी भूमिका होगी।

बीजेपी सॉफ्ट क्यों?
सीट बंटवारे के मुद्दे पर शिवसेना चाहे जो भी कहे लेकिन बीजेपी की तरफ से अभी भी सॉफ्ट रवैया अपनाया जा रहा है। अभी हाल ही में दिल्ली में हुई बीजेपी की बैठक में आलाकमान की तरफ से यह फरमान सुनाया गया था कि कोई किसी भी मंच से शिवसेना के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं करेगा। यही कारण है कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस हर मंच से शिवसेना के साथ गठबंधन का राग अलापते नजर आते हैं।

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