शिवसेना ने समृद्धि महामार्ग का विरोध कभी नहीं किया- सुनील प्रभु

शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही शिवसेना के विधायकों ने मुख्यमंत्री से मिल कर महामार्ग का नाम बाल ठाकरे के नाम पर रखने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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शिवसेना द्वारा समृद्धि महामार्ग (मुंबई-नागपूर हाइवे) का विरोध करने के सवाल पर शिवसेना नेता सुनील प्रभु ने खंडन किया है। मुंबई लाइव से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना से विस्थापित किसानों को उचित हक मिले यही हमारी मांग है।

महामार्ग का नाम बाल ठाकरे के नाम पर 

आपको बता दें कि समृद्धि महामार्ग बन जाने के बाद मुंबई से नागपुर की दुरी महज कुछ घंटे में ही तय की जा सकेगी। शुरू में इस परियोजना का शिवसेना विरोध कर रही थी। यही नहीं शिवसेना के ही नेता और सावर्जनिक बांधकाम (उपक्रम) मंत्री एकनाथ शिंदे और ने विधायकों की तरफ से पत्र लिख कर यह मांग भी की गयी थी कि इस महामार्ग का नाम बालासाहेब ठाकरे का नाम किया जाए।

सीएम ने दिया आश्वासन 

शिवसेना की इस मांग के बाद सवाल भी उठे कि एक तरफ शिवसेना विरोध भी कर रही है तो दूसरी तरफ अपने बड़े नेता के नाम पर रखने की भी मांग कर रही है। आखिर शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही शिवसेना के विधायकों ने मुख्यमंत्री से मिल कर महामार्ग का नाम बाल ठाकरे के नाम पर रखने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया।

इस मुद्दे पर सुनील प्रभु ने मुंबई लाइव से बात करते हुए काह कि महामार्ग को लेकर शिवसेना ने कभी भी विरोध नहीं किया था। हमारी यही मांग थी कि इस योजना से विस्थापित किसानो को उचित मुआवजा मिले उन्हें उनका हक मिले। लेकिन उसके बाद लोकनिर्माण मंत्री मंत्री एकनाथ शिंदे ने पहल की और किसानों को उचित हिस्सा दिलाया। यही कारण है कि किसान अब खुश हैं।

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