काश, संवेदना जताने के बजाय नेताओं ने आगे बढ़ कर किया होता रक्तदान!


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एलफिंस्टन में हुए भगदड़ को लेकर जहां एक तरफ लोग बदहवास थे तो वहीँ दूसरी तरह नेताओं ने एक बार फिर संवेदनहीनता का परिचय दिया। अपने आप को आम लोगो का 'शुभचिंतक' साबित करने के चक्कर में नेता गण और उनके कार्यकर्ता धड़ाधड़ केईएम हॉस्पिटल पहुंचने लगे। इस चक्कर में हॉस्पिटल में अव्यवस्था फैलने लगी। डॉक्टरों के काम में बाधा आने लगी। अचानक भीड़ बढ़ने से लोगों को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है? यही नहीं रक्तदान के लिए आये हुए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

सुबह के समय हो रही जोरदार बारिश से मुंबईकर वैसे ही जल्द से जल्द ऑफिस पहुंचने की जल्दबाजी में था, ऊपर से एलफिंस्टन में हुए हादसे ने लोगों की मुश्किलने बढ़ा दी। इस मुश्किल में जहां लोग एक दुसरे की सहायता कर रहे थे तो राजनेताओं ने यहां भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में कोई कोताही नहीं बरती।

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लोगों के 'दिल' में जगह बनाने के लिए एक के बाद एक पार्टी के नेता केईएम हॉस्पिटल पहुंचने लगे। वहां वैसे भी भारी भीड़ जमा हुई थी। पीड़ितो उनके परिजनों के अलावा मीडिया के लोग भी काफी संख्या में जमा हुए थे। ऊपर से जब राजनेता अपने अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचने लगे तो अव्यवस्था और भी फ़ैल गयी। पीड़ित और उनके परिजनों से अधिक पार्टी के कार्यकर्ताओं की संख्या हो गयी। यही नहीं पीड़ितों की मदद के लिए कई लोग अपना खून देने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्या करना है किससे सम्पर्क करना है कुछ पता नहीं चल रहा था। लेकिन इन भारी अव्यवस्थाओं के बीच के भी ऐसा नेता नहीं था जिसमें आगे बढ़ कर अपना खून देने की पेशकश की हो।





यहां भी खोखले नारेबाजी

कांग्रेस नेता राजू वाघमारे, एनसीपी के नेता सचिन अहीर और उनके कार्यकर्ताओं ने हॉस्पिटल परिसर में अस्पताल परिसर में राजनीती मर करो, घायलों को रक्तदान करो जैसे नारेबाजी भी की, लेकिन अगर खुद नेताओं ने आगे बढ़कर घायलों के लिए अपना रक्तदान करते तो शायद यह एक नजीर होती।


कौन कौन पहुंचा

हॉस्पिटल में घायलों को देखने के लिए शिवसेना के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे सहित महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर, उद्योगमंत्री सुभाष देसाई, मंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद अरविंद सावंत कांग्रेस नेता राजू वाघमारे, अशोक चव्हाण, भाई जगताप, मिलिंद देवरा, पृथ्वीराज चव्हाण, बीजेपी के गिरीश महाजन, मंत्री विनोद तावड़े, शाइना एनसी, मनसे के नितिन सरदेसाई, एनसीपी के नेता सचिन अहीर, चित्रा वाघ जैसे कई नेता पहुंचे थे। यही नहीं शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने तो मीडिया के साथ धक्कामुक्की भी की।



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