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मेरे खिलाफ साजिश, चापलूसों से घिरी हुईं हैं सोनिया गांधी- संजय निरुपम

मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम आज अपने बागी तेवरों के साथ प्रेस के सामने उपस्थित हुए और पार्टी आलाकमान पर जमकर निशाना साधा।

मेरे खिलाफ साजिश, चापलूसों से घिरी हुईं हैं सोनिया गांधी- संजय निरुपम
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मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम आज अपने बागी तेवरों के साथ प्रेस के सामने उपस्थित हुए और पार्टी आलाकमान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सीधे-सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का नाम लेते हुए कहा कि वे चापलूसों से घिरी हुई हैं, उनसे जुड़े लोग साजिश रच रहे हैं। अगर ऐसे लोगों को महत्व देंगे तो पार्टी की स्थिति और बदतर हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे फिलहाल पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं और चुनाव रिजल्ट के बाद एक बार फिर से प्रेस के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

'मेरे खिलाफ साजिश'
संजय निरुपम ने अपने निवास स्थान पर प्रेस कांफ्रेस का आयोजन किया था. प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, मैंने मात्र एक नाम ही दिया था लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया, मुझे तब ही समझ जाना चाहिए था जब मुझे मुंबई कांग्रेस से हटाया गया था, तभी से ही मेरे खिलाफ चीजें बिगड़ती चली गयीं।

'चापलूसों से घिरी हैं सोनिया गाँधी' 
निरुपम ने कहा कि, मैंने यह महसूस किया कि जो लोग राहुल गाँधी के साथ मिलकर सिस्टमैटिक रूप से काम कर रहे थे उन्हें पार्टी से बाहर निकाल कर फेंक देना इसी की साजिश रची का रही है, जिसका उदाहरण खुद मै हूँ। यह सिर्फ यहाँ नहीं हर जगह हो रहा है। जो लोग सोनिया गाँधी के साथ हैं वे बायस्ड हैं उन्हे किसी बात की समझ नहीं है।

'टिकट देने से पहले मुझसे बात नहीं की गयी'
निरुपम के अनुसार पहले एक सिस्टम के तहत  उम्मीदवार को टिकट देने से पहले जमीन से जुड़े लोगों से फीडबैक लिया जाता था लेकिन इस बार किसी भी चीज पर मेरी राय नहीं मांगी गई। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस के उम्मीदवारों से बात तक नहीं की। मुझे लगता है 2 से 3 सीटों को छोड़ दिया जाए तो हर जगह कांग्रेस की जमानत जब्त होगी। पार्टी नेतृत्व को सीखना पड़ेगा।

पूर्व मुंबई अध्यक्ष ने आगे कहा कि, आखिर मेरे अंदर झेलने की कितनी क्षमता है? मुझे तब ही समझ जाना चाहिए था जब मुझे मुंबई कांग्रेस से हटाया गया लेकिन मैंने पार्टी का आदेश समझ कर कुछ नहीं बोला। लेकिन तब से हर चीज मेरे खिलाफ होती चली गयी, मुझे तभी ही समझ जाना चाहिए था।'

'तो पार्टी छोड़ दूंगा'
इससे एक दिन पहले ही गुरुवार को संजय निरुपम ने ट्विट कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी और पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने  ट्वीट कर कहा था कि, ऐसा लगता है कि पार्टी को अब मेरी सेवाओं की जरूरत नहीं है। मुंबई में मैंने विधानसभा चुनाव के लिए सिर्फ एक नाम की सिफारिश की थी। लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया। मैंने नेतृत्व को पहले ही बताया था कि ऐसी स्थिति में मैं चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लूंगा। यह मेरा आखिरी फैसला है। अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि पार्टी को गुड बाय कहने का वक्त नहीं आएगा। लेकिन, लीडरशिप जिस तरह से मेरे साथ बर्ताव कर रही है, उससे लगता है कि अब वह दिन दूर नहीं है।'

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