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कांग्रेस नेता सचिन सावंत और एनसीपी  प्रवक्ता नवाब मलिक ने सोमवार को राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार पर शिवाजी महाराज स्मारक प्रोजेक्ट में फिर से करोड़ो रुपए घोटाले का आरोप लगाया। इस प्रोजेक्ट को लेकर यह दूसरी बार है जब सरकार पर आरोप लगा है।

इस प्रेस कांफ्रेंस में सचिन सावंत और नवाब मलिक साथ में थे, उन्होंने कहा कि पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में, हमने सरकार पर शिव स्मारक पर घोटाले का आरोप लगाया था। लेकिन इस बार हम इस घोटाले का पार्ट-2 लेकर आये हैं।

क्या कहा कांग्रेस और एनसीपी ने?

इन दोनों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने लार्सन एंड टूब्रो ( L&T) कंपनी के साथ मिलकर इस घोटाले की साजिश रची। इस परियोजना का अनुमानित खर्च 2692 करोड़ रुपए था। जिसके लिए  L&T ने 3826 करोड़ रुपए का टेंडर भरा। इसके बाद कंपनी से बातचीत के जरिए टेंडर की रकम 42 फीसदी कम करने का दावा किया गया लेकिन असल में यह रकम अनुमानित खर्च से कहीं ज्यादा थी। 

मलिक ने आगे कहा कि इस मामले में सरकार के विधी व न्याय विभाग की राय नहीं ली गयी जबकि  एक निजी कंपनी  से कानूनी राय ली गई। उन्होंने कहा कि दोनों की राय बिल्कुल एक जैसी है जिससे साफ होता है कि इसे किसी एक व्यक्ति ने ही तैयार किया है। इसके अलावा स्मारक की लंबाई चौड़ाई कम कर सिर्फ तलवार की ऊंचाई बढ़ा दी और ऐसा निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। 

जबकि सावंत ने इस बारे में दावा किया कि इससे मिलीभगत की बात और साफ हो जाती है। सावंत ने कहा कि अधिकारियों पर दबाव डाल कर मंजूरियां ली गईं। स्मारक समिति के अध्यक्ष विनायक मेटे भी इस घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं।  

पढ़ें: ‘क्रॉस आइलैंड पर बने शिवाजी स्मारक’


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