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धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई, एक सुर में हुआ विरोध


धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई, एक सुर में हुआ विरोध
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सोमवार को बीएमसी की सर्व साधारण सभा में सभी नगरसेवकों ने एक सुर में पूजा स्थलों के खिलाफ हो रही कार्रवाई की कड़ी निंदा की। नगर सेवकों ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई सभी धर्मों में दुश्मनी पैदा कर रही है। सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में कहा कि बीएमसी अवैध हाकरों और इमारतों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं कर रही है।

भाजपा के नगरसेवक श्रीनिवास त्रिपाठी ने पवई आईआईटी पार्क में 1924 से बने हनुमान मंदिर पर बीएमसी की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। त्रिपाठी ने कहा कि बीएमसी क्यों केवल हिंदू मंदिरों को तबाह कर रही हैं।

बीजेपी के गुटनेता मनोज कोटक ने कहा कि उनकी पार्टी धार्मिक पूजा के सभी स्थानों के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए महापौर को एक विशेष बैठक बुलानी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख ने भी बीजेपी नगरसेवकों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सभी धर्मों का आदर करती है और वे धार्मिक स्थलों के तोड़फोड़ के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।

कांग्रेस के गुटनेता रवि राजा ने कहा कि धार्मिक स्थलों के खिलाफ कार्रवाई जानबूझ कर की जा रही है। लोगों की भावनाओ के साथ खेला जा रहा है।

एनसीपी की राखी जाधव ने कहा कि घाटकोपर में धार्मिक स्थल के खिलाफ नोटिस दी गयी थी। लेकिन लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई न होने का दिलासा दिया था उसके बाद भी मंदिर को तोड़ दिया गया।

पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव ने कहा कि हम खुद ही मंदिर तोड़ रहे हैं और विदेशों में मंदिर बनाने की बात कहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि हम पूजा-स्थल को बचाने में असफल हैं तो नगरसेवक को इस सभागृह में बैठने का कोई अधिकार नहीं है।

सदन के नेता यशवंत जाधव ने कहा कि हर विभाग के धार्मिक स्थल मनपा की रडार पर है इस पर प्रशासन की कार्रवाई की जांच की जरूरत है।

इस मौके पर वहां मौजूद किशोरी पेडनेकर, शुभदा गुडेकर, जावेद जुनेजा, अतुल शाह, रजनी केनी, विद्याधर सिंह, अनिल पाटणकर, अनिल कोकिल, रीता मकवाना, रमेश कोरगांवकर और अन्य नगरसेवकों ने भी चर्चा में भाग लिया और कहा कि महापौर से धार्मिक स्थलों को तोड़ने से रोकने के लिए पहल करना चाहिए।

यशवंत जाधव ने सुझाव दिया कि नागरिक प्रशासन की निंदा करने के लिए सदन को स्थगित कर दिया जाना चाहिए। तदनुसार, मेयर ने इस सुझाव को स्वीकार कर लिया और सदन को स्थगित कर दिया।

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