मुंबई कांग्रेस में गुटबाजी तेज, देवड़ा और कामत लॉबी हुई सक्रिय!

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए दोनों ही गुटों के कार्यकर्ताओ ने पार्टी के आला अधिकारियों से मुलाकात की है।

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शिवसेना से कांग्रेस में आए संजय निरुपम को सांसद होने के बाद पार्टी ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद की एक अहम जिम्मेदारी दी है। हालांकी अब मुंबई कांग्रेस में ही गुटबाजी साफतौर पर देखी जा रही है। पूर्व सांसद मुरली देवरा और पूर्व सांसद गुरूदास कामत के निधन के बाद दोनों ही गुटों ने निरुपम को उनके पद से हटाने के लिए कवायद तेज कर दी है।

निरुपम के खिलाफ अंदर ही अंदर मोर्चा

सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मुरली देवड़ा के निधन के बाद उनके समर्थक उनके बेटे मिलिंद देवड़ा के नेतृत्व में कार्य कर रहे है तो वही पूर्व सांसद गरुरदास कामत के निधन के बाद उनके समर्थक मुंबई कांग्रेस के महासचिव धर्मेश व्यास के नेतृत्व में कार्य कर रहे है। मुंबई कांग्रेस में अब इन दोनों गुटो ने निरुपम के खिलाफ अपना मोर्चा अंदर ही अंदर खोल दिया है।

दोनों गुटों को दूर रखने की कोशिश

संजय निरुपम के मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के बाद, उन्होंने पार्टी संगठन के कार्यो से मिलिंद देवड़ा और गुरुदास कामत को दूर रखने की कोशिश की। जिसके कारण इन दोनों गुटो के कार्यकर्ता काफी नाराज हुए। बीएमसी चुनावों में दोनों गुटों के कार्यकर्ता लगभग निष्क्रिय ही रहे।


सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के प्रभारी के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की नियुक्ति के बाद देवड़ा और कामत गुट के कार्यकर्ता निरुपम को हटाने के लिए फिर से सक्रिय हो गये है। मुंबई के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष जनार्दन चंदुरकर, भाई जगताप, एकनाथ गायकवाड़, नसीम खान, सुरेश शेट्टी, बाबा सिद्दीकी, कृष्णशंकर सिंह और अमीन पटेल हाल ही में खड़गे से मिले थे। इस मुलाकात में संजय निरुपम को मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाकर मिलिंद देवड़ा को यह जिम्मेदारी देने की मांग की गई है।


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