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मृत्यु दर को शून्य पर लाना ही हमारा लक्ष्य : उद्धव ठाकरे

शनिवार को मुंबई सहित विभिन्न जिलों में गठित टास्क फोर्स के डॉक्टरों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कोरोना के बारे में अपडेट दे रहे थे।

मृत्यु दर को शून्य पर लाना ही हमारा लक्ष्य : उद्धव ठाकरे
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बढ़ते हुए कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) ने कहा कि, महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र, सभी मेंं केेरोना पीड़ितों को उचित और समय पर चिकित्सा सुुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे कोरोना (Covid-19) रोगियों की चिकित्सा दर बढ़ेगी और मृत्यु दर में भी तेजी से कमी आएगी। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं।  इसलिए सरकार का एकमात्र उद्देश्य इन चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाकर और बिना किसी लापरवाही के बड़े पैमाने पर चेक-अप करके मृत्यु दर को शून्य करना है।

शनिवार को मुंबई सहित विभिन्न जिलों में गठित टास्क फोर्स के डॉक्टरों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कोरोना के बारे में अपडेट दे रहे थे। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (chief minister uddhav thackeray) ने कहा कि हमारा लक्ष्य मृत्यु दर को शून्य पर लाना होना चाहिए।  सभी जिलों में एकरूपता होनी चाहिए कि कैसे उपचार किया जा रहा है, जिससे उपचार में समानता होनी चाहिए,  इसीलिए जिलों में टास्क फोर्स और मुंबई में टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई है।

उद्धव ने कहा कि, मुंबई में टास्क फोर्स ने अच्छा काम किया है। शुरू में ड्रग्स नहीं थे, अब कुछ विशेष दवाएं उपलब्ध हैं।  लेकिन इसके लिए हर जगह इन दवाओं के उपयोग के लिए दिशानिर्देशों की भी आवश्यकता होती है।  धारावी और वर्ली जैसे इलाकों में वायरस के अधिक प्रकोप की सूचना थी, उस समय भले ही ये दवाएं उपलब्ध नहीं थीं, बावजूद इसके हमने इन क्षेत्रों में महामारी को नियंत्रण में रखा।

डॉ. तात्याराव लहाणे इस बैठक का संचालन कर रहे थे।  टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक ने कहा कि समय-समय पर चिकित्सा उपचार के लिए दिशानिर्देश दिए जाते हैं और सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए। जहां आवश्यक न हो वहां दवा न दें। समस्या आने पर तुरंत हमसे संपर्क करें।

डॉ. राहुल पंडित ने कहा कि ये विशेष दवाएं महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन रोगियों की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजन उपलब्ध कराना बहुत महत्वपूर्ण है।

तो वहीं  डॉ. शशांक जोशी, डाॅ.  मुफ्फजल लकड़ावाला ने जिले के डॉक्टरों और सर्जनों के साथ इलाज पर भी चर्चा की और संदेह को दूर किया साथ ही इलाज के बारे में सुझाव भी दिए।

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