इस बार रेडी रेकनर की दर में होगी वृद्धि?


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राज्य सरकार के स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन विभाग की तरफ से 1 अप्रैल को मुंबई सहित राज्य भर के रेडी रेकनर की दरों की घोषणा की जाएगी। अब इन दरों में कमी होगी या वृद्धि, इस पर रियल इस्टेट सहित आम ग्राहकों की भी नजरें लगी हुई हैं। पिछले साल नोटबंदी सहित अन्य कारणों से भी प्रॉपर्टी बाजार में मंदी छाई हुई थी। जहां इस बार आम लोग और प्रॉपर्टी से संबंधित लोग आशा जता रह हैं कि शायद रेडी रेकनर की दरों में वृद्धि न हो तो वहीं सूत्रों का कहना है कि इस बार इन दरों में 3 से 5 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। 


होगी वृद्धि?
स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारीयों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल के दिन घोषित होने वाले रे.डी रेकनर की दरों में वृद्धि होगी। अगर यह बात सही साबित होती है तो घर खरीदने वालों पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में एक बड़ा झटका लग सकता है। यही नहीं आम लोगों के साथ साथ यह झटका बिल्डरों को भी लग सकता है।

प्रॉपर्टी खरीदने पर राज्य सरकार की तरफ से 5 फीसदी शुल्क स्टाम्प ड्यूटी के रूप म ली जाती है। इस स्टाम्प शुल्क की राशि उस इलाके के प्रॉपर्टी के रेट के आधार पर तय की जाती है। इस बाजार भाव के अनुसार ही जो 5 फीसदी स्टाम्प शुल्क लिए जाते हैं उसे ही रेडी रेकनर कहा जाता है। पहले 1 जनवरी को ही राज्य सरकार की तरफ से रेडी रेकनर की दरों को घोषित कर दिया जाता, लेकिन पिछले 2 साल से यह दर 1 अप्रैल को घोषित किया जा रहा है।


वृद्धि होना गलत है

हालांकि बिल्डर्स असोसिएशन आॅफ इंडिया के पदाधिकारी आनंद गुप्ता ने रेडी रेकनर की दरों में वृद्धि होने से इनकार किया है। गुप्ता के मुताबिक़,पिछले साले नोटबंदी, जीएसटी और रेरा जैसे कारणों से प्रॉपर्टी क्षेत्र में मंदी का वातावरण था, इसीलिए रेडी रेकनर की दर में वृद्धि कैसे हो सकती है? उन्होंने आगे कहा कि अगर यह वृद्धि होती है तो यह गलत होगा।


इसके पहले भी बिल्डर्स असोसिएशन आॅफ इंडिया और निर्माण क्षेत्र में कार्यरत कई संगठनों ने मांग की है कि रेडी रेकनर की दर में कोई भी वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। इसे ही देखते हुए गुप्ता ने भी आशा जताई है कि शायद सरकार द्वारा रेडी रेकनर की दर में कोई वृद्धि नहीं की जाए। लेकिन सूत्रों द्वारा इस बात का भी हवाला दिया जा रहा है कि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन विभाग 3 से 5 फीसदी की वृद्धि कर सकता है। अब देखना होगा कि सरकार लोगों को राहत देती है या रेडी रेकनर की दर में वृद्धि करके सांसत में डालती है।

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