म्यूचुअल फंड के फायदे


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यदि आप अन्य निवेश योजनाओं की तुलना में लंबे समय में बेहतर रिटर्न चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक बेहतरिन विकल्प है।  पिछले लेख में, हमने चर्चा की कि निवेश के लिए म्यूचुअल फंड क्यों आवश्यक हैं। इस लेख में हम म्यूचुअल फंड के लाभों के बारे में बात करेंगे

कई योजनाएं
निवेशकों के अलग अलग  आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए म्यूचुअल फंड योजनाएँ बनाई गई हैं। भारत में 
44 म्यूचुअल फंड कंपनियों की सैकड़ों योजनाएं हैं। निवेशकों की छोटी, मध्यम, दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते म्यूचुअल फंड योजनाएं बनाई गई हैं। इसलिए, निवेशक उन योजनाओं को चुन सकते हैं जो वे चाहते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीम इक्विटी फंड, डेट फंड, हाइब्रिड फंड, गोल्ड फंड, सेक्टर फंड, ईएलएसएस फंड की श्रेणियों में बनाई गई हैं। इसलिए निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार योजनाओं में निवेश कर सकते हैं। उदाहरण के लिए टैक्स बचाने के लिए निवेशक ईएलएसएस फंड चुन सकते हैं।

विशेषज्ञ मार्गदर्शन
प्रत्येक म्यूचुअल फंड में निवेशकों द्वारा निवेश किए गए पैसो का प्रबंधन करने के लिए एक फंड मैनेजर (प्रबंधक) रखता है। सहायता के लिए फंड मैनेजर के पास एक बड़ी शोध टीम और पेशेवर विशेषज्ञ हैं। इस शोध टीम की वित्तीय बाजार पर लगातार नजर है। वह अलग अलग क्षेत्रों और कंपनियों में वर्तमान और आगामी रुझानों पर लगातार शोध कर रहे हैं। वे इसकी सूचना फंड मैनेजर को देते हैं। फंड मैनेजर इस रिपोर्ट का तुलनात्मक अध्ययन करते हैं अपने निवेश के निर्णय लेते हैं। फंड मैनेजर की निवेश पर नियमित नजर होती है। समय-समय पर निवेश की समीक्षा भी की जाती है। फंड मैनेजर का लक्ष्य निवेशकों को स्कीम से अधिकतम रिटर्न पाने में मदद करना है।

कम जोखिम
म्यूचुअल फंड निवेशकों को अलग अलग योजनाओं में निवेश के अवसर मिलते हैं। इसलिए, यदि एक योजना का प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो किसी और स्किम में पैसे लगाया जा सकता है।  यानी एक योजना से होने वाले नुकसान की भरपाई दूसरे द्वारा की जा सकती है। इसलिए जोखिम कम रहता है। म्यूचुअल फंड कंपनी निवेशक विभिन्न कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। यानी आप जो भी राशि निवेश करते हैं। इसमें से कुछ को कई कंपनियों के शेयरों में निवेश किया जाता है। 

कम लागत
लाखों निवेशक आपके साथ म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश कर रहे हैं। इसलिए, आपकी निवेश लागत आपकी अपेक्षा से काफी कम हो सकती है। यदि आप अकेले निवेश करते, तो लागत अधिक होती। इसलिए, फंड का निवेश शेयर बाजार में प्रत्यक्ष निवेश से कम होता है।

100 रुपये से भी शुरु कर सकते है निवेश
आप कम से कम 100 रुपये प्रति माह के लिए एसआईपी के साथ म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। कुछ योजनाओं में एसआईपी की न्यूनतम राशि 500  रुपये तो कही 100 रुपये है।


पारदर्शिता
म्यूचुअल फंड में निवेश का मूल्य प्रतिदिन पता लगाया जा सकता है। इसका मतलब है कि आप समझते हैं कि आज आपकी योजना कितनी NAV की है। प्रत्येक महीने के अंत मेंसभी म्यूचुअल फंड कंपनियां अपनी योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करती हैं। जिसके कारण अपने निवेश पर सीधे नजर रख सकते है।  


कभी भी निकाल सकते है पैसे
निवेशक जरूरत पड़ने पर आसानी से निकासी की सुविधा देता है। म्यूचुअल फंड ओपन एंडेड योजनाओं में निवेश किसी भी समय शुरू किया जा सकता है और कभी भी पैसा निकाला जा सकता है। निकासी आदेश दाखिल करने के 7 दिनों के भीतर आपके बैंक खाते में धन जमा हो जाता है।

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