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International Women's Day 2020 : महिलाओं से जुड़े कई सारे संयोग हुए हैं इस दिन

वैसे मैच कोई भी जीते महिला दिवस के अवसर पर वह उनके देश के लिए तोहफा भी होगा, लेकिन अगर भारत यह मैच जीतता है तो यह भारत की होई और रंगबिरंगी हो जाएगी।

International Women's Day 2020 : महिलाओं से जुड़े कई सारे संयोग हुए हैं इस दिन
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हर साल 8 मार्च को विश्व महिला दिवस (international womens day) मनाया जाता है। इस बार एक अजीब संयोग यह भी है कि इसी दिन आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2020 (womens world t20) का फाइनल मैच भी खेला जाना है। और इस बार भी यह मैच ऑस्ट्रेलिया (Australia) और भारत (india) के बीच है। वैसे मैच कोई भी जीते महिला दिवस के अवसर पर वह उनके देश के लिए तोहफा भी होगा, लेकिन अगर भारत यह मैच जीतता है तो यह भारत की होली (holi) और रंगबिरंगी हो जाएगी।

वैसे तो महिला दिवस की शुरुआत साल 1908 में हुई थी लेकिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1975 में इसे मान्यता दी गई थी। इसके बाद से ही कई देशों में 8 मार्च को महिला दिवस (Women's Day 2020) मनाया जाता है।  

इस मनाने की एक वजह यह भी बताई जाती है कि साल 1908 में इसकी शुरुआत अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से हुई। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यूयॉर्क में कई सारी महिलाओं ने मार्च निकालकर नौकरी के घंटे कम करने और वेतनमान बढ़ाने की मांग की थी। महिलाओं को उनके आंदोलन में सफलता मिली और इसके एक साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने इस दिन को राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया।

 

सवाल उठता है कि आखिर 8 मार्च को ही महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?
दरअसल, 1917 में पहले विश्व युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड और पीस के लिए हड़ताल की थी। महिलाओं ने अपनी हड़ताल के दौरान अपने पतियों की मांग का समर्थन करने से भी मना कर दिया था और उन्हें युद्ध को छोड़ने के लिए राजी कराया था, इसके बाद वहां के सम्राट निकोलस को उसका पद छोड़ना पड़ा था और अंत में महिलाओं को मतदान का अधिकार भी दिया गया था।

साल 1971 में रूसी महिलाओं रोटी और शांति के लिए हजारों महिलाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस विरोध के चलते वहां के राजा सम्राट निकोलस को उसका पद छोड़ना पड़ा था। यह आंदोलन 28 फरवरी को किया गया था। जबकि यूरोप में भी महिलाओं ने 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स को सपोर्ट करने के लिए रैलियां की थीं। इसी कारण 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत हुई थी। 

अगर भारत के नजरिये से बात करें तो भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस 13 फरवरी को मनाया जाता है। दरअसल, इसी दिन प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री सरोजिनी नायडू का जन्म हुआ था। सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ ही स्त्रियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली प्रमुख कार्यकर्ता थीं। उन्हें 'नाइटेंगल ऑफ इंडिया' और 'भारत कोकिला' के रूप में भी जाना जाता है।

महिला दिवस केवल महिलाओं के लिए नहीं बल्कि पुरुषों के लिए भी खास है क्योंकि उन्हें जन्म देने वाली भी एक महिला है। वहीं, जीवन के हर पड़ाव पर कहीं न कही एक महिला ने अलग-अलग रुपों में उन्हें संभाला है। ऐसे में आप हर उस महिला को खूबसूरत मैसेज भेजकर विश कर सकते हैं, जिनकी वजह से आपके जीवन में बदलाव आया है- आपके लिए यहां कुछ शायरी दी गयी हैं...

उठो तुम नारी, युग निर्माण तुम्हें करना है,
आजादी की नींव में,
तुम्हें प्रगति के पत्थर भरना है
हैप्पी महिला दिवस

बेटी-बहू कभी मां बनकर,
सबके ही सुख-दुख को सहकर,
अपने सब फर्ज निभाती है, 
तभी तो नारी कहलाती है।

नारी दुर्गा और नारी ही मां काली,
नारी ही तो है मां- ममत्व देने वाली,
नारी कोमल तो कहीं नारी कठोर,
इस नारी के बिन नर का नहीं कोई छोर।
महिला दिवस की हार्दिक बधाई

(विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध जानकारियां)

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