दिव्यांग नहीं किसी के मोहताज...

दहीसर-  हरिशंकर शर्मा पिछलें कई सालों से चाईनिज भेल की दुकान चला रहे है। हरिशंकर जन्म से ही दिव्यांग है। लेकिन कभी भी उन्होने ने परिस्थितियों के सामने हार नही मानी। हरिशंकर आज चाईनिज भेल की दुकान चलाकर अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करते है।6 जुलाई 2014 को विकलांगो के लिए कार्य करनेवाली एक संस्था ने हरिशंकर को ट्राय साइकिल दी थी। जिसके बाद उन्होने इस चाइनिज भेल का धंधा शुरु किया। हरिशंकर को सरकार से किसी भी तरह की मदद नहीं मिली है। लेकिन उन्हे इस बात का जरा भी अफसोस नहीं है।

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