सरकार द्वारा बनाये गए नए नियम के मुताबिक अब पुराने वाहनों के लिए भी बारकोड (barcode) और होलोग्राम (hologram) वाली पट्टी आवश्यक होगी। परिवहन विभाग (transport department) ने पुराने वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने उत्पादकों और वितरकों के लिए 1 अप्रैल, 2019 से नए वाहनों के लिए भी बारकोड और होलोग्राम प्लेट को अनिवार्य कर दिया है। राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय ने 1 अप्रैल के बाद से उन वाहनों का पंजीकरण नहीं करने का आदेश दिया है, जिन वाहनों में नए पद्धति के नंबर प्लेट न हों। अब अप्रैल 2019 से पहले इस नियम को नए वाहनों के साथ-साथ पुराने वाहनों पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है।
नई पद्धति से बनी प्लेट एल्यूमीनियम से बनी होगी और इसे बदला नहीं जा सकेगा क्योंकि यह वाहनों में स्थायी रूप से लगा हुआ होगा। नई प्लेट को दूसरे स्थान पर भी लगाया जा सकता है।
नंबर प्लेट की विशेषताएं
- सुरक्षा कारणों से, वाहनों पर लगाए गए नंबर प्लेट को 'हॉट स्टंपिंग'' के द्वारा बनाया गया है।
- इन प्लेट पर बारकोड और 3 डी होलोग्राम भी शामिल हैं।
- अगर संबंधित बारकोड आरटीओ या ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्कैन किया जाता है, तो वे वाहनों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
- बारकोड केंद्रीय मंत्रालय की वाहन प्रणाली से भी जुड़ा हुआ है
- यह बोर्ड स्थायी रूप से वाहन से जुड़ा होगा। कोई उसकी नकल नहीं कर पाएगा।