मुंबई में ऐप आधारित S3 कैब सेवा शुरू, यात्रियों सहित ड्राइवरों को भी मिलेगा लाभ


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मुंबई में ऐप्स आधारित टैक्सी सेवाएं देने वाली प्रमुख कंपनियों ओला और उबर सहित अन्य कंपनियों को टक्कर देने के लिए अब एक और सेवा बाजर में दाखिल हो गयी है। इस सेवा का नाम है S3। इस सेवा का संचालन सह्याद्रि स्मार्ट सेफ प्राइवेट लिमिटेड नामकी कंपनी करेगी। इस सेवा का उदघाटन बीजेपी विधायक सुधाकर देशमुख ने किया। एस-3 को शहर की लॉजिस्टिक कंपनी भारत फ्रेट ग्रुप भी प्रमोट कर रही है। इस सेवा को शुरू करने वाले तीन लोग प्रमुख रूप से हैं जिनके नाम प्रफुल्ल शिंदे, राजेश कालदाते और सोहेल कजानी हैं। सोहेल कजानी ही सह्याद्रि स्मार्ट सेफ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं।


कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ अभी इस सेवा को मुंबई में ही शुरू किया गया है। अगर अच्छा रेस्पॉन्स मिला तो अन्य शहरों में भी शुरू की जाएगी। अभी इस सेवा के लिए कुल 800 ड्राइवरों को नियुक्त किया गया है जिनमें 350 महिला ड्राइवर हैं। इसके अलावा 10 टैक्सी यूनियन से भी मदद ली गयी है।
प्रफुल्ल शिंदे, संस्थापक सदस्य 

ड्राइवर और यात्रियों दोनों के लिए फायदा 
इस सेवा के लिए यात्रियों से एक किमी के मिनी के लिए 16,सेडान के लिए 18 और एसयूवी के लिए  20 रूपये वसूले जाएंगे तो ड्राइवरों को मिनी के लिए  10,सेडान के लिए 12 और एयूवी के लिए 14 रूपये दिए जाएंगे। यही नहीं यात्रियों से नाईट चार्ज भी नहीं लिए जायेंगे। इसके अलावा सेवा देने वाले ड्राइवरों से प्रतिदिन पहले 1,800 रुपए की कमाई पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उसके ऊपर कमाई होने पर उनसे मात्र 10 प्रतिशत शुल्क ही लिया जाएगा। यह ओला और उबर द्वारा लिए जाने वाले शुल्क का सिर्फ 50 प्रतिशत है। इससे यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को फायदा होगा।


बुकिंग और कॉलिंग सुविधा साथ साथ
प्रफुल्ल ने सेवा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा के लाभ के लिए मात्र बुकिंग के अलावा कालिंग सुविधा भी है। यानि आप बुकिंग के साथ साथ फोन करके भी इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। जिन लोगों के पास स्मार्ट फोन नहीं है वे फोन करके इसका लाभ ले सकते हैं। जबकि इस तरह की सेवा ओला-उबर में नहीं है। महिला यात्री अपनी सुविधा के मुताबिक महिला ड्राइवरों की मांग कर सकती हैं।


यात्री के साथ ड्राइवर भी सुरक्षित 
जीपीएस और SOS सुविधा से लैस इस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा के साथ साथ ड्राइवरों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। एस-3 सेवारत कार के फ्रंट और बैक दोनों जगहों पर कैमरा लगाया गया है। फ्रंट कैमरा कार के बाहर का तो बैक कैमरा कार के अंदर के दृश्य को कैप्चर करेंगे। यही नहीं अगर यात्री को उसकी सुरक्षा को लेकर जरा भी संदेह होता है तो उसे एस-3 ऐप पर जाकर SOS बटन पर सिर्फ क्लिक करना होगा। इससे बैक पर लगा कैमरा अपने आप चालू हो जाएगा और कार के अंदर घटित सारे दृश्य को कवर कर लेगा। यही नहीं एक सिक्युरिटी सर्च पैनल भी बनाया गया है, जिसके अनुसार अगर कोई यात्री SOS बटन पर क्लिक करता है तो एस-3 की 150 सदस्यों वाली एक टीम तुरंत मदद मौके पर पहुंचने के लिए तैयार हो जाएगी।

इस सेवा को शुरू करने से पहले प्रफुल्ल ने बताया कि वे खुद कभी उबर ड्राइवर रह चुके हैं। शरुआत में उबर वालों ने ड्राइवरों को अच्छी कमाई  दिया। कई लोगों ने घर के गहने बेच कर और उधार लेकर पैसे लगाए लेकिन उन्हें घाटा के अलावा कुछ नहीं मिला। ओला और उबर वाले यात्रियों से मनमाने तरीके से पैसा वसूल करते हैं लेकिन ड्राइवरों को कोई फायदा नहीं होता। इसीलिए उन्होंने होने सहयोगियों के साथ मिल कर एस-3 सेवा को शुरू करने का निर्णय लिया।

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