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तेल हो रहा महंगा, टैक्सी-ऑटो का बढ़ सकता है किराया

यूनियनों की मांग है कि टैक्सी का किराया 22 रुपये के बजाय 3 रुपये और बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया जाए, और रिक्शा का किराया भी 18 रुपये में 2 रुपये और जोड़कर 20 रुपये हो जाए।

तेल हो रहा महंगा, टैक्सी-ऑटो का बढ़ सकता है किराया
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पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल (petrol diesel price hike) की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसके परिणामस्वरूप तेल से जुड़ी अन्य चीजें भी महंगी हो रही है। कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन अब उन्हें दोहरा झटका लग सकता है। क्योंकि तेल की दरों (cost of oil) में वृद्धि के कारण रिक्शा और टैक्सी के किराए में भी वृद्धि हो सकती है।इससे पहले किराए में वृध्दि को लेकर ऑटो और टैक्सी यूनियनों (auto taxi union) की दिसंबर महीने में ही बैठक होनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से, इसे टाल दिया गया था।

काफी दिन हो गए, रिक्शा और टैक्सी किराया वृद्धि पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कोविड 19 (Covid19) के दौर में जहाँ पहले से ही सड़क पर यात्रियों की कमी है तो इस दौरान अगर किराया बढ़ाया जाता है, तो यात्रियों का अकाल पड़ जायेगा। इसलिए, कुछ रिक्शा और टैक्सी संघों ने मांग की थी कि किराया वृद्धि फैसले को कुछ समय के किये स्थगित कर दिया जाए। इसलिए अंतिम किराया वृद्धि पर कोई फैसला नहीं हो सका था। 

यूनियनों की मांग है कि टैक्सी का किराया 22 रुपये के बजाय 3 रुपये और बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया जाए, और रिक्शा का किराया भी 18 रुपये में 2 रुपये और जोड़कर 20 रुपये हो जाए।यूनियन के इस फैसले से सरकार का भी सकारात्मक रुख है।

इस बारे में जल्द ही MMRTA की बैठक आयोजित की जाएगी, लेकिन अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है। लेकिन टैक्सी और रिक्शा के किराए में वृद्धि की संभावना अधिक है।

पहले से ही महंगाई से जूझ रहे आम आदमी की जेब वैसे ही कट रही है और अगर ऑटो टैक्सी के किराए में वृद्धि होती है तो उन्हें इस कोरोना काल में दोहरे मोर्चे पर जूझना होगा जो कि काफी दुष्कर साबित हो सकता है। 

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