मेट्रो में अब पेपर क्यूआर टिकट की सुविधा भी शुरु

प्लास्टिक टोकन का इस्तेमाल कम करने के लिए इस कदम की शुरुआत की गई है

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रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने घाटकोपर और वर्सोवा के बीच मेट्रो में यात्रा करनेवाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर दी है।  कंपनी ने   16 जनवरी से पेपर क्यूआर (त्वरित प्रतिक्रिया) टिकट पेश किया। इस कदम से अन्य टिकटिंग माध्यमों के अलावा प्लास्टिक टोकन के उपयोग को बंद करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। मेट्रो वन के अनुसार, हर दिन लगभग 1.80 लाख प्लास्टिक टोकन वन वे या फिर टू वे यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट के रूप में जारी किए जाते हैं।

प्लास्टिक टोकन का इस्तेमाल कम करना लक्ष्य
मेट्रो वन प्राधिकरण ने कहा। की प्रत्येक प्लास्टिक टोकन तीन ग्राम का होता है इसलिए कागज से बने टिकटों को पेश करने से लगभग 500 किलोग्राम प्लास्टिक की दैनिक इस्तेमाल कम हो जाएगी, अंततः प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी। सुचारू और आसान टिकटिंग प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए, मेट्रो वन के सभी 12 स्टेशनों पर पेपर क्यूआर टिकट जारी करने वाली कम से कम एक मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। प्रारंभिक चरण में कुल 25 मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।

टिकट काउंटर पर,पहले यदि 6 ग्राहकों को प्लास्टिक के टोकन जारी किए जाते हैं,तो पेपर क्यूआर टिकट के कार्यान्वयन के साथ, 12 ग्राहकों को उसी समय में टिकट जारी किया जाएगा। पेपर क्यूआर टिकटों की शुरूआत धीरे-धीरे की जाएगी और मार्च के अंत तक ऑपरेटर का लक्ष्य होगा कि प्लास्टिक से बने टोकन टिकटों का उपयोग पूरी तरह से बंद कर दिया जाए।


फिलहाल मेट्रो वन सालाना लगभग 40 करोड़ रुपये अन्य स्रोतो से कमा लेती है।  जिसमे  स्टेशन ब्रांडिंग,ब्रांड प्रचार आदि शामिल हैं।

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