मुंबई मोनोरेल आग : स्कोमी की लापरवाही जिम्मेदार

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मुंबई मोनोरेल आग : स्कोमी की लापरवाही जिम्मेदार

आग लगने के कारण से मोनो रेल 28 दिनों से बंद है। आग लगने के कारण की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट में आग लगने का कारण मोनो रेल के पहिये का गर्म होना बताया था। अब इस मामले में जांच समिति ने मोनो रेल का क्रियान्वयन करने वाली मलेशियाई कंपनी स्कोमी को भी लपेटे में लिया है। जाँच समिति ने माना है कि इस आग के पीछे कहीं न कहीं स्कोमी की लापरवाही भी है। MMRDA के अतिरिक्त आयुक्त संजय खंदारे ने इस बारे में कहा कि स्कोमी पर कार्रवाई के तहत दंड वसूला जायेगा।

हो कड़ी कार्रवाई 

जाँच समिति की रिपोर्ट के अनुसार आग लगने के मामले में स्कोमी ही दोषी है। अब स्कोमी पर MMRDA क्या रुख अपनाती है इस पर सबकी नजरें रहेंगी? लेकिन बताया जा रहा है कि स्कोमी के विरोध में कड़ा रुख अपनाने की मांग उठ रही है जबकि अतिरिक्त आयुक्त खंदारे ने मात्र दंड वसूलने की बात कही है।

क्या हुआ था?

9 नवम्बर को मोनो रेल सुबह पांच बजे वडाला डिपो से चेंबूर के लिए रवाना हुई थी। मैसूर कॉलोनी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचते ही चालक को पीछे के एक डिब्बे से धुआं निकलता दिखाई दिया। दमकल ने मौके पर पहुंच कर आग पर किसी तरह से काबू पाया। इस आग के कारण मोनोरेल के दो डिब्बे बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। हालांकि इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ था।

आग कैसे लगी?

रिपोर्ट के अनुसार जिस मोनोरेल में आग लगी थी उस मोनोरेल को दुसरे दौर के 'ट्रायल रन' के कारण रात भर चलाया गया था। इस कारण इस रेल का पहिया अत्यधिक गर्म हो गया था जिसके कारण वहां से धुंआ निकलने लगा। हालांकि धुएं को नियंत्रित करने के लिए प्रयत्न किया गया लेकिन जरुरी उपकरण नहीं होने के कारण धुंआ आग में तब्दील हो गया।

आज भी है मोनो सेवा बंद

यात्रियों के अभाव में हर दिन 8 से 10 लाख रूपये का घाटा झेल रही मोनी पिछले 28 दिनों से बंद है और अभी इसके आने वले दिनों में भी बंद रहने की संभावना जताई जा रहे है इसीलिए इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है।








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