एसटी में वरिष्ठ नागरिको के लिए स्मार्टकार्ड योजना शुरु

कुछ लोग नकली पास बनाकर ही वरिष्ठ नागरिको को मिलनेवाली छुट का फायदा उठाते थे, लिहाजा अब एसटी ने इससे बचने के लिए स्मार्ट कार्ड की योजना बनाई है।

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एसटी यानी की स्टेस ट्रांसपोर्ट की बसों में वरिष्ठ नागरिक अब कैशलेस की यात्रा करेंगे। एसटी कॉर्पोरेशन ने मंगलवार से मुंबई सेंट्रल गेट डेपो से यात्रियों के लिए कैशलेस यात्रा की शुरुआत की है। एसटी ने इसके लिए एक स्मार्टकार्ड योजना भी लागू की है। कुछ लोग नकली पास बनाकर ही वरिष्ठ नागरिको को मिलनेवाली छुट का फायदा उठाते थे, लिहाजा अब एसटी ने इससे बचने के लिए स्मार्ट कार्ड की योजना बनाई है। इस कार्ड के बजाए यात्रि अब कैश की जगह स्मार्ट कार्य का उपयोग कर यात्रा कर सकते है।

दरअसल एसटी में सफर में छूट पाने के लिए एसटी की ओर से वरिष्ठ नागरिको को एक पास बनाकर दिया जाता है, सह पास सादा होता है , लिहाजा कोई भी इन पास की नकली कॉपी बनाकर एसटी में वरिष्ठ नागरिको को मिलनेवाली छूट का फायदा उठाता था। एसटी ने इन नकली पास को खत्म करने के लिए अब सिनियर सिटीजन के लिए एक डिजिटल स्मार्ट पास बनाया है। इस स्मार्ट पास का इस्तेमाल कर कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा सकेगा, साथ ही इसका नकली इस्तेमाल भी रोका जा सकता है।


आरक्षण खिड़की पर होगा रजिस्ट्रेशन

इस योजना के तहत, वरिष्ठ नागरिकों को स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए आरक्षण खिड़ी पर जाना होगा। पंजीकरण के दौरान स्मार्ट कार्ड के लिए 55 रुपये का शुल्क देना होगा। साथ ही, पंजीकरण के लिए उम्र का प्रमाण और महाराष्ट्र के नागरिक होने के प्रमाण की आवश्यकता होगी। वरि,्ठ नागरिक ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और प्रमाण कार्ड में से किसी एक भी डॉक्युमेंट के तौर पर दे सकते है। आधार कार्ड से जुड़ी जानकारीके बाद अंगूठे के निशान को स्कैनर पर रखकर उसका वेरिफिकेशन किया जाएगा , जिसके बाद ही यह स्मार्ट कार्य वरिष्ठ नागरिको को मिलेगी।

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