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मराठा आरक्षण की मार अगर सबसे अधिक किसी ने सहा है तो वह है एसटी विभाग ने। एसटी विभाग को इस आंदोलन से 23 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है। इस आंदोलन के दौरान आंदोलनकरियों ने एसटी की कई बसों में तोड़फोड़ के अलावा आगजनी भी की थी।

एसटी की कई बसें भी हुई कैंसिल
आपको बता दें कि 18 जुलाई से मराठा आंदोलन शुरू हुआ था जो 23 जुलाई तक चला। औरंगाबाद में काकासाहेब शिंदे नामके एक शख्स ने नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद आंदोलन और भी भड़क गया। यह आंदोलन में मुंबई, पनवेल, रायगढ़, पुणे, औरंगाबाद, सोलापूर, पुणे सहित अन्य शहरों में भी बड़े पैमाने पर हुआ। इस दौरान आंदोलनकारियों ने एसटी की 353 बसों को निशाना बनाया। जिसमें से सोलापुर में सबसे अधिक 136 बसों को नुकसान पहुंचाया गया। इस तोड़फोड़ और आगजनी में एसटी को 1करोड़ 45 लाख 15 हजार 856 रूपये का नुकसान हुआ जबकि आंदोलन के चलते कई बसें रद्द हुई तो उसे भी मिला कर 22 करोड़ 2 लाख 13 हजार 749 रूपये का आर्थिक नुकसान हुआ।

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