मेट्रो-3 के कार्य से चर्चगेट स्टेशन को लग रहा है झटका, कर्मचारियों में घबराहट

मेट्रो-3 के कार्य से पश्चिम रेलवे के 120 साल पुराने मुख्यालय को झटके पर झटका लग गया है। इसके परिणाम स्वरुप इस इमारत के स्ट्रक्चरल ऑडिट करने का आदेश दिया गया है।

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भले ही मेट्रो-3 के लिए आरे में बनने वाले कारशेड पर रोक लगा दी हो लेकिन मेट्रो-3 का काम अभी भी तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि मेट्रो-3 के कार्य से पश्चिम रेलवे के 120 साल पुराने मुख्यालय को झटके पर झटका लग गया है। इसके परिणाम स्वरुप इस इमारत के स्ट्रक्चरल ऑडिट करने का आदेश दिया गया है। आपको बता दें कि मेट्रो-3 का काम भूमिगत हो रहा है, जिसके लिए सुरंग बनाई जा रही है और सुरंग बनाने के लिए अंदर विस्फोट करना पड़ता है जिससे आसपास की इमारतों पर भी प्रभाव पड़ता है।


आपको बता दें कि चर्चगेट रेलवे स्टेशन ही वेस्टर्न रेलवे का मुख्यालय है और इसी के पास ही मेट्रो-3 का काम हो रहा है। चर्चगेट स्टेशन की इमारत 120 साल पुरानी है जिसे हेरिटेज घोषित किया गया है।    

यहां के कर्मचारियों का कहना है कि ऐसा ही झटका छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) में भी आता था, उसे भी विश्व धरोहर इमारत की श्रेणी में रखा गया है। पिछले हफ़्ते ही कम से कम 7 से 8 झटके महसूस किये गये हैं। कर्मचारियों के मुताबिक ये झटके दूसरी मंजिल तक महसूस की जाती हैं। गौरतलब है कि CSMT के यहां भी मेट्रो-3 का कम चल रहा है। 


इस संबंध में, पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने कहा कि, मेट्रो-3 के कामों के कारण पश्चिम रेलवे के मुख्यालय की इमारत क्षतिग्रस्त हुई है नहीं, इसकी जाँच के लिए एक संरचनात्मक ऑडिट का आदेश दे दिया गया है। हमें मेट्रो 3 का काम करने वाले MMRCA द्वारा सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

 मेट्रो-3 का काम कोलाबा-बांद्रा-सिप्ज़ का मार्ग है जो 33.5 किमी लंबा है जो कि अंडरग्राउंड है। इस मेट्रो लाइन में कुल 27 स्टेशन हैं।

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