क्या है निशा का सांपों से मोहब्बत का राज...? यकीन करना है मुश्किल

मुंबई - निशा सुब्रमण्यम कुंजू का नाम विश्व महिला दिवस पर कुछ और भी खास हो जाता है, क्योंकि जिस तरह के कार्य वह कर रही हैं वो अपने आप में सबसे अलग है। निशा की गिनती कुछ विशेष प्राणीमित्रों में होती है। खासकर इन्हें लोग सर्प मित्र के रुप में ज्यादा ही पहचानते हैं। निशा को सर्पमित्र बनने की प्रेरणा उनके भाई सुनीश से मिली। जिसके बाद उन्होंने सांप के साथ तमाम प्राणियों को बचाने का जिम्मा उठाया।

निशा को प्राणी मित्र बनने का विचार मेनका गांधी की पीपल्स फॉर एनिमल संस्था के कार्यों को देखकर आया। जिसके बाद वह प्लांट एंड एनिमल संस्था की सदस्य बन गई। 2005 में एनिमल वेल्फेयर बोर्ड ने निशा को एनिमल वेल्फेयर ऑफिसर नियुक्त किया। 2016 में भारत के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए टॉप 100 महिलाओं की सूची में निशा को चुना गया। जिसके लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों इन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

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