Jai Mummy Di Review: एंटरटेनमेंट के नाम पर 'जय मम्मी दी' है सिर दर्द!

मेरी सलाह मानो तो आप इस फिल्म को देखने मत जाना, क्योंकि आपको इस फिल्म में एंटरटेनमेंट की जगह सिर्फ और सिर्फ सिर दर्द मिलेगा।

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लव रंजन जब भी किसी फिल्म से जुड़ते हैं तो दर्शकों की उम्मीदें उस फिल्म से अधिक जुड़ जाती हैं। पर 'जय मम्मी दी' ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हालांकि लव रंजन ने इस फिल्म को डायरेक्ट नहीं किया है, बल्कि प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म को नवजोत गुलाटी ने डायरेक्ट किया और लिखा है। देखा जाए तो लव ने अजय देवगन स्टारर 'दे दे प्यार दे' को भी डायरेक्ट नहीं किया था, प्रोड्यूस किया था और फिल्म ने 100 करोड़ का कारोबार किया था। पर इस बार लव की पसंद दर्शकों की नापसंद बनने वाली है। इस फिल्म में सनी सिंह, सोनाली सैगल, पूनम ढिल्लों और सुप्रिया पाठक लीड रोल में हैं। एक्टिंग थोड़ा बहुत फिल्म में ठीक भी है, पर फिल्म की कहानी और डायरेक्शन बहुत कमजोर है।

पुनीत (सनी सिंह) और सांझ (सोनाली सैगल) एक दूसरे से प्यार करते हैं, पर अपनी फैमिली को बताने से डरते हैं। इसकी वजह है दोनों की मां, जो आपस में जानी दुश्मन हैं। एक दिन सांझ पुनीत को शादी के लिए प्रपोज़ करती है, पर पुनीत अपनी मां के बारे में सोचकर डर जाता है। यहां से दोनों के राश्ते अलग हो जाते हैं। दोनों की एक ही तारीख को अलग अलग जगह शादी सेट हो जाती है। अब क्या पुनीत और सांझ दोबारा मिल पाएंगे या इनकी शादी कहीं और हो जाएगी? यह जानने के लिए मजबूरन आपको फिल्म देखनी पड़ेगी और नहीं जानना है तो कोई जबरदस्ती नहीं हैं, क्योंकि इस फिल्म के लिए मैं आपके पैसे बर्बाद नहीं कराना चाहता हूं।

सनी सिंह की एक्टिंग में आपको कोई इम्प्रूवमेंट देखने को नहीं मिलेगा, पूरी फिल्म में आपको उनका एक सा चेहरा और एक से एक्सप्रेशन देखने को मिलेंगे। सोनाली पहले अपनी एक्टिंग में सुधार लाएं उसके बाद किसी और फिल्म में लीड एक्टर के तौर पे आएं तो बेहतर होगा। सपोर्टिंग कास्ट सुप्रिया पाठक और पूनम ढिल्लों की एक्टिंग अच्छी है, पर खराब डायरेक्शन और कमजोर स्टोरी की वजह से वे फिल्म को बचा नहीं पाई हैं।

इस फिल्म से नवजोत गुलाटी ने डायरेक्शन की दुनियां में कदम रखे हैं, साथ ही उन्होंने दूसरी गलती यह भी की है कि इसे लिखा भी उन्होंने ही है। नवजोत गुलाटी को अभी और मेहनत करने की जरूरत है।

मेरी सलाह मानो तो आप इस फिल्म को देखने मत जाना, क्योंकि आपको इस फिल्म में एंटरटेनमेंट की जगह सिर्फ और सिर्फ सिर दर्द मिलेगा। पर अक्सर यही होता है, जिस काम को करने के लिए मना किया जाए लोग वही करते हैं। अगर आपको अपने पैसे और टाइम से मोह नहीं है तो आप इस फिल्म को देख सकते हैं। पर सिर दर्द की दवा जरूर लेकर जाना, क्योंकि इसकी बहुत जरूरत पड़ने वाली है।

हम इस फिल्म को 5 में से 1.5 स्टार देते हैं। 1.5 स्टार इसलिए क्योंकि इस फिल्म के गाने आपको आपके सिर दर्द पर थोड़ा मरहम लागाने का काम जरूर करेंगे।

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