डिजिटल दुनियां में भी है फ्रॉड का खतरा

मुंबई - नोटबंदी के बाद मुंबईकरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। तो वही दूसरी ओर सरकार अब धीरे- धीरे कैशलेश प्रणाली की ओर आगे बढ़ रही है। सरकार के इस कदम से साइबर दुनियां के जानकार सहमत नहीं लगते। साइबर विषेशज्ञों के अनुसार भारत अभी कैशलेश की दिशा में बढ़ नहीं सकता। अगर आकड़ो पर नजर डाले तो 2014 से 2015 के बीच 4,047 साइबर क्राइम की शिकायतें दर्ज की गई है। जिसमें से सिर्फ 5 मामलों को ही सुलझाया गया है। साइबर विशेषज्ञ विजय मुखी का कहना है की अगर भारत कैशलेस इकॉनॉमी की तरफ आगे बढ़ता है तो जजों, पुलिस, वकील को नये तरह से ट्रेनिंग देनी होगी। साथ ही राज्य सरकारों को भी साइबर क्राइम से लड़ने के लिए बजट देना होगा। तो वही दूसरी तरफ साइबर सेल के डीसीपी सचिन पाटील का कहना है की अगर आम लोग मोबाइल पर आनेवाले फ्रॉड कॉल्स से बचेंगे तो इस अपराध में कमी आएगी।

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