OMG: मुंबई में 74 तो राज्य में 86 फीसदी होटलों में खाना, खतरे से खाली नहीं


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एक दिन पहले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा भारत की मशहुर लोनावाला स्थित मगनलाल चिक्की पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। एफडीए के अधिकारियों के मुताबिक मुंबई के 74 फीसदी रेस्टोरेंट, होटल या पब ऐसे हैं जहां बनने वाले खाद्य पदार्थ खाने के योग्य नहीं होते। एफडीए के अधिकारियों ने एक विशेष मुहीम चला कर मुंबई के 442 रेस्टोरेंट और होटलों के रसोई की जांच की, जिसमें से 327 होटलों और रेस्टोरेंट के किचन को अनहाइजैनिक बताया गया है।

एफडीए के मुताबिक फाइव स्टार होटलों सहित सड़क किनारे स्थित खोमचों वालों तक को अन्न सुरक्षा कानून नियम का पालन करना अनिवार्य है। जहां खाद्य पदार्थ बनाये और बेचे जाते हैं स्थान स्वच्छ होने चाहिए। जिन बर्तनों को यूज किया जाता है वे भी साफ़ और स्वच्छ होने चाहिए। कचरों को रसोई से दूर फेंकना चाहिए। खाद्य पदार्थों में यूज होने वाले सामान ताजे और साफ़ होने चाहिए, लेकिन ऐसा बहुत कम होटलों में नजर आया।

गंदगी से युक्त होटल्स और रेस्टोरेंट ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। यही नहीं एफडीए ने राज्यभर के लगभग 3047 चुनिंदा होटलों की जांच की तो 2649 होटलों के रसोई की स्थिति नियमों के खिलाफ थी। इसका मतलब है कि राज्य के 86 फीसदी होटलों में खाना अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना है।

एफडीए ने इन सभी होटलों को नोटिस भेजा है, और जल्द से जल्द नियमों का पालन करने को कहा है। एफडीए के मुताबिक़ अगर स्थिति नहीं बदली तो इन होटलों में ताला भी लग सकता है।

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